पैराग्वे को धूल चटाकर अब इस खूंखार टीम से भिड़ेगा फ्रांस! क्वार्टर फाइनल से पहले ही कांप उठे फैंस

पैराग्वे को धूल चटाकर अब इस खूंखार टीम से भिड़ेगा फ्रांस! क्वार्टर फाइनल से पहले ही कांप उठे फैंस

फ़िलाडेल्फ़िया के मैदान पर फुटबॉल प्रेमियों को एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिला। फ़्रांस और पैराग्वे के बीच खेले गए इस बेहद कड़े और शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण मैच में फ़्रांसीसी कप्तान किलियन म्बाप्पे के जादुई पेनल्टी गोल ने अपनी टीम को 1-0 से यादगार जीत दिला दी। इस एकमात्र गोल की बदौलत फ़्रांस ने टूर्नामेंट के अगले नॉकआउट दौर में शान से प्रवेश कर लिया है। अंतिम सीटी बजने तक यह मुकाबला दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त तनाव और रोमांच से भरा रहा।

VAR का बड़ा फैसला और म्बाप्पे ने रचा मेस्सी जैसा इतिहास

पूरे मैच का सबसे निर्णायक और ऐतिहासिक क्षण खेल के 70वें मिनट में आया। जब फ़्रांसीसी खिलाड़ी डिज़ायर डोउ गेंद लेकर पैराग्वे के डी-बॉक्स में घुसे, तब पैराग्वे के डिएगो गोमेज़ ने उन्हें गलत तरीके से नीचे गिरा दिया। रेफरी ने तुरंत वीएआर (VAR) की मदद ली, जिसके बाद फ़्रांस को एक महत्वपूर्ण पेनल्टी मिल गई। कप्तान किलियन म्बाप्पे ने इस सुनहरे मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और बेहद शांत दिमाग से पैराग्वे के गोलकीपर को चकमा देते हुए गेंद को जाल में डाल दिया। यह म्बाप्पे का इस टूर्नामेंट में 7वां गोल था, जिसके साथ ही उन्होंने महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए स्कोरिंग चार्ट में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।

ऑरलैंडो गिल की अभेद्य दीवार ने फ़्रांसीसी स्ट्राइकर्स को तरसाया

दो बार की चैंपियन रह चुकी फ़्रांस की टीम ने मैच के शुरुआती मिनटों से ही अपना दबदबा कायम कर लिया था। फ्रांस ने मिडफ़ील्ड से खेल की गति को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखा, लेकिन पैराग्वे के बेहद अनुशासित डिफेंस और विशेष रूप से उनके गोलकीपर ऑरलैंडो गिल के असाधारण प्रदर्शन ने फ़्रांस को बार-बार गोल करने से रोका। गिल ने पूरे मैच में कई अद्भुत और महत्वपूर्ण बचाव किए। पैराग्वे की रणनीति फ़्रांस के फॉरवर्ड लाइन को बॉक्स से दूर रखने की थी, जिसके कारण फ़्रांसीसी खिलाड़ी लंबी दूरी से शॉट लगाने पर मजबूर हुए और उनके पासिंग लेन पूरी तरह ब्लॉक रहे।

दूसरे हाफ में पैराग्वे का पलटवार और मैगनन का शानदार बचाव

पहला हाफ गोलरहित रहने के बाद दूसरे हाफ में पेनल्टी के जरिए फ़्रांस को 1-0 की बढ़त मिली। इसके बाद फ़्रांस ने दूसरे गोल के लिए अपने हमले और तेज कर दिए। म्बाप्पे के दो बेहद खतरनाक शॉट्स को गोलकीपर गिल ने बड़ी चतुराई से रोका, जिसमें एक घातक रिबाउंड शॉट भी शामिल था। मैच के अंतिम क्षणों (स्टॉपेज टाइम) में पैराग्वे ने बराबरी का गोल दागने के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। पैराग्वे के एक शानदार हेडर पर फ़्रांसीसी गोलकीपर मैगनन को फुल-डाइव लगाकर अपनी टीम को बचाना पड़ा। पैराग्वे को कॉर्नर भी मिला, लेकिन वे फ़्रांस के मजबूत डिफेंस को भेदने में पूरी तरह नाकाम रहे।

अंतिम सीटी बजते ही मैदान पर भिड़े खिलाड़ी, अब मोरक्को से महामुकाबला

मैच जैसे-जैसे अपने अंतिम चरण में पहुंचा, दोनों टीमों के बीच का तनाव शारीरिक आक्रामकता में बदल गया। मैदान पर दक्षिण अमेरिकी फुटबॉल का पारंपरिक आक्रामक मिजाज साफ देखने को मिला। खेल के दौरान म्बाप्पे पर हुए एक फाउल और फ़्रांस के मनु कोने सहित कई खिलाड़ियों को येलो कार्ड दिखाए जाने से माहौल पहले ही गर्म था। अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए और उनके बीच तीखी बहस व धक्का-मुक्की देखने को मिली। बहरहाल, इस जीत के साथ ही फ़्रांस ने क्वार्टर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जहाँ अब उनका सामना अफ़्रीकी दिग्गज मोरक्को से होगा।

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