गुवाहाटी में ऐतिहासिक रन चेज के बीच रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, तोड़ा 27 साल पुराना महारिकॉर्ड

गुवाहाटी में ऐतिहासिक रन चेज के बीच रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, तोड़ा 27 साल पुराना महारिकॉर्ड

असम के गुवाहाटी में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने 406 रनों के विशालकाय लक्ष्य को 43.3 ओवर में ही हासिल कर आठ विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की। जहां कप्तान शुभमन गिल के नाबाद दोहरे शतक और रोहित शर्मा की शतकीय पारी ने बल्ले से तहलका मचाया, वहीं अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने गेंद से एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो पिछले 27 सालों से अटूट था। हाई-स्कोरिंग पिच पर जहां गेंदबाजों की जमकर धुनाई हो रही थी, जडेजा ने अपनी फिरकी के दम पर भारत-वेस्टइंडीज वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़ा मुकाम हासिल कर लिया।

कर्टनी वॉल्श का 27 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त, बने नंबर-1 गेंदबाज

गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में 37 वर्षीय रवींद्र जडेजा ने अपने 10 ओवर के स्पैल में 75 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उन्होंने शानदार बैटिंग कर रहे शतकवीर आमिर जांगू (114 रन) और अल्जारी जोसेफ (9 रन) को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इन दो सफलताओं के साथ ही जडेजा वेस्टइंडीज के विरुद्ध 34 वनडे मैचों में कुल 46 विकेट दर्ज कर चुके हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5 विकेट देकर 36 रन रहा है।

 जडेजा ने विंडीज के महान तेज गेंदबाज कर्टनी वॉल्श के 27 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वॉल्श ने 1985 से 1999 के दौरान भारत के विरुद्ध 38 वनडे मैचों में 44 विकेट चटकाए थे। दिलचस्प बात यह है कि इस द्विपक्षीय प्रतिद्वंद्विता में सर्वाधिक विकेट लेने वाले शीर्ष 5 गेंदबाजों में चार भारतीय शामिल हैं, जहां तीसरे स्थान पर पूर्व कप्तान कपिल देव 43 विकेटों के साथ मौजूद हैं।

गिल का सबसे तेज दोहरा शतक और रोहित के साथ 255 रनों की पार्टनरशिप

वेस्टइंडीज ने पहले बैटिंग करते हुए 405 रन बनाकर भारत के सामने 406 रनों की जो चुनौती रखी थी, उसे भारतीय ओपनर्स ने पूरी तरह एकतरफा बना दिया। कप्तान शुभमन गिल ने केवल 133 गेंदों पर 26 चौकों और 8 छक्कों की मदद से नाबाद 233 रनों की तूफानी पारी खेली। गिल ने महज 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा कर वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ने का कारनामा भी किया।

 वहीं दूसरे छोर पर हिटमैन रोहित शर्मा ने 75 गेंदों में 10 चौके और 6 छक्कों के दम पर 101 रनों की तूफानी सेंचुरी बनाई। दोनों दिग्गजों ने पहले विकेट के लिए 255 रनों की विस्फोटक साझेदारी कर जीत की मजबूत नींव रखी।

गुवाहाटी में बने कुल 811 रन, वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज

पाटा विकेट पर दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने चौकों-छक्कों की बारिश की, जिसके चलते इस मुकाबले में कुल 811 रन बने। भारत ने 39 गेंदें शेष रहते 406 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य हासिल कर वनडे क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे सफल रन चेज पूरा किया। इससे पहले साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका ने जोहानिसबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 435 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था, जिसके बाद अब भारत का यह चेज इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है।