बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में टीम इंडिया के आखिरी T20 में हुआ था गजब ड्रामा

बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में टीम इंडिया के आखिरी T20 में हुआ था गजब ड्रामा

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में बेंगलुरु का प्रसिद्ध एम चिन्नास्वामी स्टेडियम हमेशा से ही हाई-वोल्टेज और सांसे थाम देने वाले रोमांचक मुकाबलों का गवाह रहा है। लेकिन, इस मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा खेले गए एक ऐतिहासिक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच ने क्रिकेट के सभी पुराने रिकॉर्ड और रोमांच के पैमानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया वह मुकाबला केवल एक आम क्रिकेट मैच नहीं था, बल्कि उसमें 400 से अधिक रन, चौके-छक्कों की बेहिसाब बारिश और एक ही मैच में लगातार दो-दो सुपर ओवर (Double Super Over) का ऐसा अप्रत्याशित ड्रामा देखने को मिला, जिसे देखकर स्टेडियम में बैठा हर दर्शक और टीवी स्क्रीन के सामने टिका हर क्रिकेट प्रेमी दंग रह गया था। क्रिकेट के मैदान पर ऐसा थ्रिलर शायद ही पहले कभी देखने को मिला हो, जहाँ हर एक गेंद पर सांसे अटक रही थीं और मैच का पासा हर पल बदल रहा था। आइए एक स्पोर्ट्स रिपोर्टर की नजर से गहराई से जानते हैं कि चिन्नास्वामी के मैदान पर उस रात आखिर क्या-क्या घटा था और कैसे रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने इस सांस रोक देने वाले महा-मुकाबले में जीत का परचम लहराया था।

जब शुरुआत में ढह गया भारतीय टॉप ऑर्डर, फिर कप्तान रोहित और रिंकू ने मचाया चिन्नास्वामी में गदर

उस ऐतिहासिक मैच में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन शुरुआत में ही अफगानिस्तान के गेंदबाजों ने भारतीय खेमे में खलबली मचा दी। महज 22 रन के स्कोर पर भारत के चार प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे, जिसमें यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली और संजू सैमसन जैसे दिग्गज शामिल थे। ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम बेहद कम स्कोर पर सिमट जाएगी। लेकिन इसके बाद क्रीज पर आए युवा फिनिशर रिंकू सिंह और कप्तान 'हिटमैन' रोहित शर्मा ने मिलकर जो तबाही मचाई, उसने अफगानी गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए। दोनों ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए नाबाद 190 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। रोहित शर्मा ने अपने टी20 करियर का पांचवां शतक जड़ते हुए 121 रनों की आतिशी पारी खेली, जबकि रिंकू सिंह ने ताबड़तोड़ 69 रन बनाए। अंतिम ओवरों में चिन्नास्वामी स्टेडियम में छक्कों का ऐसा तूफान आया कि भारत का स्कोर 20 ओवर में 212 रन तक जा पहुंचा।

अफगानिस्तान का बेखौफ पलटवार: गुरबाज, जादरान और नबी की तूफानी पारियों से मैच हुआ टाई

213 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने भी शुरुआत से ही निडर और आक्रामक रवैया अपनाया। रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान ने पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारियां करके भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। इसके बाद मध्यक्रम में अनुभवी मोहम्मद नबी और गुलबदीन नईब ने चिन्नास्वामी की छोटी बाउंड्री का पूरा फायदा उठाते हुए गेंदों को बाउंड्री के बाहर भेजना शुरू कर दिया। मैच का रोमांच अंतिम ओवर में अपने चरम पर पहुंच गया जब अफगानिस्तान को जीत के लिए अंतिम गेंदों पर तेजी से रनों की दरकार थी। गुलबदीन नईब ने दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखते हुए आखिरी गेंद पर रन बनाकर स्कोर को ठीक 212 रनों पर ला खड़ा किया। इस तरह दोनों टीमों ने 20-20 ओवरों में मिलाकर 424 से ज्यादा रन बनाए और मुकाबला टाई हो गया, जिसके बाद मैच का फैसला करने के लिए सुपर ओवर का सहारा लेना पड़ा।

पहला सुपर ओवर: जब 16 रन बनाकर भी नहीं निकला कोई नतीजा, फिर से टाई हुआ मुकाबला

जब पहला सुपर ओवर शुरू हुआ तो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम का माहौल किसी इंटरनेशनल कप के फाइनल जैसा हो चुका था। अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मुकेश कुमार के ओवर में 16 रन बना डाले। भारत को जीत के लिए 17 रनों की जरूरत थी। भारत की ओर से रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल क्रीज पर उतरे। रोहित शर्मा ने लगातार दो छक्के जड़कर भारत को जीत की दहलीज पर ला खड़ा किया, लेकिन अंतिम गेंद पर भारत को जीत के लिए दो रन चाहिए थे और यशस्वी केवल एक रन ही बना सके। नतीजा यह हुआ कि पहला सुपर ओवर भी 16-16 रनों की बराबरी पर टाई हो गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच में दो-दो सुपर ओवर फेंकने की नौबत आई थी।

दूसरा सुपर ओवर: रोहित के धमाकेदार छक्के और बिश्नोई की जादुई गेंदबाजी से भारत ने रचा इतिहास

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नए नियमों के तहत तुरंत दूसरे सुपर ओवर का आयोजन किया गया। इस बार भारत ने पहले बल्लेबाजी की और कप्तान रोहित शर्मा ने आते ही एक लंबा छक्का और चौका जड़ा। हालांकि, भारतीय टीम 11 रन ही बना सकी और अफगानिस्तान को जीत के लिए 12 रनों का लक्ष्य मिला। दूसरे सुपर ओवर में कप्तान रोहित शर्मा ने एक मास्टरस्ट्रोक खेलते हुए गेंद युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को थमा दी। यह फैसला बेहद जोखिम भरा था, लेकिन बिश्नोई ने अपनी फिरकी का ऐसा जादू चलाया कि उन्होंने पहली ही गेंद पर मोहम्मद नबी को रिंकू सिंह के हाथों कैच करा दिया और फिर तीसरी गेंद पर रहमानुल्लाह गुरबाज को आउट करके अफगानिस्तान को महज 1 रन पर ही ढेर कर दिया। इस तरह भारत ने दूसरे सुपर ओवर में इतिहास रचते हुए इस ऐतिहासिक और ड्रामे से भरे मैच को अपने नाम कर लिया।

एम चिन्नास्वामी के इतिहास में हमेशा अमर रहेगा यह महा-मुकाबला

बेंगलुरु का यह टी20 मैच केवल एक खेल का मुकाबला नहीं था, बल्कि यह अनिश्चितताओं और भावनाओं का एक ऐसा बवंडर था जिसने क्रिकेट प्रशंसकों को रात भर जगाए रखा। 400 से ज्यादा रन, व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स, छक्कों की बरसात और दो-दो सुपर ओवरों के रोमांच ने इस मैच को टी20 क्रिकेट के सबसे महान मुकाबलों की फेहरिस्त में हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज करा दिया। चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया यह आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच आज भी जब याद किया जाता है, तो हर क्रिकेट प्रेमी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं, क्योंकि इसमें वह सब कुछ था जो क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप को दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल बनाता है।