बुमराह का विकल्प खोजने में जुटा BCCI; 3 युवा पेसरों पर खास नजर, टेस्ट टीम में जल्द मिल सकता है मौका

बुमराह का विकल्प खोजने में जुटा BCCI; 3 युवा पेसरों पर खास नजर, टेस्ट टीम में जल्द मिल सकता है मौका

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह लगातार चोटों से जूझ रहे हैं। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब भविष्य को ध्यान में रखते हुए टेस्ट क्रिकेट के लिए एक मजबूत और संतुलित तेज गेंदबाजी आक्रमण तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। बुमराह टीम के प्रमुख गेंदबाज बने रहेंगे, लेकिन बोर्ड अब ऐसे तेज गेंदबाजों को तैयार करना चाहता है जो उनकी गैरमौजूदगी में भी विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रख सकें।

बीसीसीआई की नजर खास तौर पर उन युवा पेसरों पर है जो अच्छी रफ्तार के साथ पिच से अतिरिक्त उछाल हासिल करने की क्षमता रखते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में इन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाने की रणनीति तैयार की जा रही है।

कार्यभार और फिटनेस बनी बड़ी चुनौती

जसप्रीत बुमराह पिछले कुछ वर्षों से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। हालांकि, लगातार चोट, फिटनेस संबंधी समस्याएं और कार्यभार प्रबंधन की वजह से उनकी उपलब्धता सीमित होती जा रही है। बीसीसीआई यह भी समझता है कि उम्र बढ़ने के साथ तेज गेंदबाजों की फिटनेस को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।

इसी वजह से चयनकर्ता ऐसे गेंदबाजों की तलाश में हैं जो भविष्य में टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभाल सकें। खासकर वनडे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों को देखते हुए बुमराह के कार्यभार को संतुलित रखना बोर्ड की प्राथमिकता माना जा रहा है।

सिराज के बाद कौन बनेगा भरोसेमंद तेज गेंदबाज?

मौजूदा भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण में मोहम्मद सिराज को बुमराह के बाद सबसे भरोसेमंद गेंदबाज माना जाता है। सिराज अपनी गति और आक्रामकता के लिए जाने जाते हैं और धीमी पिचों पर भी प्रभाव छोड़ने की क्षमता रखते हैं।

हालांकि, टीम प्रबंधन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि बुमराह और सिराज के अलावा ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जो लगातार शीर्ष स्तर पर विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान कर सके। यही कारण है कि नए विकल्पों की तलाश तेज कर दी गई है।

मोहम्मद शमी की वापसी के बावजूद नहीं मिला मौका

अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने घुटने की गंभीर चोट से वापसी के बाद रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने टीम के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली।

इस फैसले से संकेत मिल रहे हैं कि चयनकर्ता अब भविष्य की योजना के तहत युवा तेज गेंदबाजों को प्राथमिकता देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और शमी फिलहाल टीम की तत्काल योजनाओं का हिस्सा नहीं माने जा रहे हैं।

इन तीन युवा पेसरों पर BCCI की खास नजर

बीसीसीआई फिलहाल तीन युवा तेज गेंदबाजों पर विशेष ध्यान दे रहा है। इनमें तुषार देशपांडे, गुरजपनीत सिंह और विदर्भ के तेज गेंदबाज नचिकेत भूटे शामिल हैं। इन तीनों गेंदबाजों की सबसे बड़ी ताकत उनकी गति और अतिरिक्त उछाल पैदा करने की क्षमता मानी जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यदि भारत विश्व कप के फाइनल की दौड़ से बाहर हो जाता है तो इन खिलाड़ियों को जल्द अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका दिया जा सकता है। ऐसे में न्यूजीलैंड दौरे पर इन युवा गेंदबाजों को टीम में शामिल किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

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