संन्यास के सवाल पर भुवनेश्वर का चौंकाने वाला खुलासा: अब सिर्फ इस वजह से खेल रहे हैं क्रिकेट
भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने टीम इंडिया में वापसी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने करियर के इस दौर में पूरी तरह संतुष्ट हैं और अब क्रिकेट सिर्फ खेल के प्रति अपने जुनून के कारण खेल रहे हैं।
उन्होंने 2022 में भारत के लिए आखिरी वनडे मैच खेला था, लेकिन घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण कई क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें 2027 विश्व कप के लिए संभावित दावेदार मान रहे हैं। पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी अपने संभावित विश्व कप स्क्वॉड में भुवनेश्वर को शामिल करते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका जैसी परिस्थितियों में उनका अनुभव भारतीय टीम के लिए उपयोगी हो सकता है।
आरसीबी पॉडकास्ट में भुवनेश्वर ने बताया कि उनके परिवार ने हमेशा उन्हें मानसिक रूप से संतुलित रखा। घर में कभी इस बात पर चर्चा नहीं होती कि उन्हें भारतीय टीम में क्यों नहीं चुना गया या उनकी वापसी कब होगी। उनका मानना है कि टीम से बाहर होना खेल का स्वाभाविक हिस्सा है और हर खिलाड़ी को कभी न कभी इस दौर से गुजरना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भारत के लिए खेलना उनके जीवन की बड़ी उपलब्धि रही है और अब राष्ट्रीय टीम में वापसी ही उनके करियर का एकमात्र लक्ष्य नहीं है। यदि दोबारा मौका मिलता है तो वह खुशी से स्वीकार करेंगे, लेकिन फिलहाल उनका ध्यान अपने खेल का आनंद लेने, फिट रहने और घरेलू क्रिकेट तथा टी20 लीग में अच्छा प्रदर्शन करने पर है।
विराट और शास्त्री को दिया मजबूत पेस अटैक का श्रेय
भुवनेश्वर ने भारतीय तेज गेंदबाजी के विकास का श्रेय आईपीएल के साथ-साथ विराट कोहली और रवि शास्त्री की सोच को भी दिया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में विदेशी दौरों की तैयारी के लिए घरेलू टेस्ट मैच भी ऐसी पिचों पर खेले गए, जो तेज गेंदबाजों के अनुकूल थीं। इससे भारत का मजबूत पेस अटैक तैयार करने में मदद मिली।
अंत में भुवनेश्वर ने कहा कि अनुभव के साथ उन्हें क्रिकेट की कई सीखों का वास्तविक अर्थ समझ आया है। अब वे "जो आपके नियंत्रण में है, उसी पर ध्यान दें", "ज्यादा न सोचें" और "खेल के प्रति जुनून के लिए खेलें" जैसी बातों को केवल सुनते नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में महसूस भी करते हैं।