हो रहा अन्याय, रणजी में 60 विकेट लेने वाले मैच विनर को नजरअंदाज करने पर भड़के इरफान पठान
भारतीय क्रिकेट टीम 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू हो रही दो मैचों की रोमांचक टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों देशों के बीच यह मुकाबले गाले और कोलंबो के ऐतिहासिक मैदानों पर खेले जाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस अहम सीरीज के लिए सितारों से सजी भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। लेकिन इस टीम चयन के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
भारत के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर इरफान पठान ने जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज औकिब नबी को टेस्ट टीम से बाहर रखने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और चयनकर्ताओं की रणनीति को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
60 विकेट और रणजी का खिताब, फिर भी औकिब नबी की अनदेखी क्यों?
औकिब नबी का हालिया घरेलू सीजन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपनी आग उगलती गेंदों से 60 विकेट चटकाए हैं। उनके इसी जादुई प्रदर्शन के दम पर जम्मू-कश्मीर की टीम ने इतिहास रचते हुए अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था। इतने बेहतरीन रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका न मिलने से इरफान पठान हैरान हैं। पठान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शानदार फॉर्म में चल रहे इस होनहार गेंदबाज को नजरअंदाज करने के पीछे कोई भी तर्क समझ से परे है।
'केएल राहुल जैसे दिग्गजों को किया था परेशान'
इरफान पठान ने स्पोर्टस्टार से खास बातचीत में कहा कि वह नबी को टीम में न चुने जाने के फैसले से निराश हैं। पठान ने कहा, "सच कहूं तो औकिब नबी को टीम में न चुनने का मेरे पास कोई तार्किक जवाब नहीं है। क्रिकेट विशेषज्ञ अक्सर तेज गेंदबाजी की बात करते हैं, लेकिन सबसे अहम यह है कि कोई गेंदबाज क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों को कितना परेशान कर रहा है। औकिब ने घरेलू क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को लगातार अपनी स्विंग और रफ्तार से छकाया है।" पठान ने याद दिलाया कि रणजी ट्रॉफी के फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में भी नबी ने केएल राहुल जैसे अनुभवी और दिग्गज बल्लेबाज को काफी परेशान किया था, जिसे पूरी दुनिया ने देखा। उनके इस निरंतर प्रदर्शन का उन्हें इनाम जरूर मिलना चाहिए था।
अफगानिस्तान टेस्ट में सिराज को खिलाने पर भी उठाए सवाल
इरफान पठान का गुस्सा सिर्फ श्रीलंका सीरीज के चयन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच की चयन प्रक्रिया पर भी सवालिया निशान लगाए। पठान का मानना है कि जब जसप्रीत बुमराह टीम में नहीं होते हैं, तो मोहम्मद सिराज भारत के नंबर 1 गेंदबाज की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जो मैच विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) का हिस्सा ही नहीं था, उसमें सिराज जैसे मुख्य गेंदबाज को खिलाने की क्या जरूरत थी?
'घरेलू प्रदर्शन मायने रखता है, तो मौका क्यों नहीं दिया?'
पठान ने BCCI से सीधा सवाल करते हुए कहा, "मुझे यह चयन प्रक्रिया बिल्कुल समझ नहीं आई। जब अफगानिस्तान के खिलाफ मैच WTC रैंकिंग के लिहाज से मायने नहीं रखता था, तो वहां आप नए खिलाड़ियों को आजमा सकते थे। अगर आप कहते हैं कि घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन चयन का पैमाना है, तो फिर आपने उस टेस्ट मैच में औकिब नबी को अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका क्यों नहीं दिया?"