जगशेर खंगुरा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए मेडल किया पक्का, रचा इतिहास

जगशेर खंगुरा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए मेडल किया पक्का, रचा इतिहास

विश्व मुक्केबाजी के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित मंच यानी वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप से भारत के लिए एक बेहद गर्व की और इतिहास रचने वाली खबर सामने आ रही है। भारतीय मुक्केबाजी के उभरते हुए सितारे जगशेर खंगुरा ने रिंग के भीतर अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति, तकनीकी समझ और कभी न हार मानने वाले जज्बे का ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने देश भर के खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच भारत की पहुंच से दूर हो रहा है, क्योंकि जगशेर पहला राउंड बुरी तरह गंवा चुके थे। लेकिन दबाव के उस सबसे कठिन लम्हे में भारतीय बॉक्सर ने जो अप्रत्याशित और आक्रामक पलटवार किया, उसने विपक्षी मुक्केबाज को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। तीन राउंड के इस सांस रोक देने वाले मुकाबले के अंत में जजों का फैसला जैसे ही जगशेर के पक्ष में गया, पूरा भारतीय कैंप खुशी से झूम उठा। इस धमाकेदार जीत के साथ ही जगशेर खंगुरा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत के लिए एक पदक पूरी तरह से पक्का कर लिया है। आइए एक स्पोर्ट्स और ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से गहराई से जानते हैं कि इस ऐतिहासिक मुकाबले में रिंग के भीतर क्या-क्या मोड़ आए और कैसे जगशेर ने भारत का परचम लहराया।

पहला राउंड हारने के बाद जब खतरे में पड़ी थी जीत, तब जगशेर ने बदला अपना गेम प्लान

वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप का यह क्वार्टर फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद हाई-वोल्टेज और तनावपूर्ण रहा। मुकाबले के पहले राउंड में विपक्षी बॉक्सर ने अपनी लंबी रीच और तेज तर्रार पंचेस के दम पर शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। जगशेर खंगुरा को पहला राउंड समझने और सामंजस्य बिठाने में थोड़ा वक्त लगा, जिसके चलते जजों ने पहले राउंड का स्कोर विपक्षी मुक्केबाज के हक में दे दिया। पहला गेम हारने के बाद भारतीय रिंग साइड और कोचों के चेहरे पर साफ तौर पर चिंता की लकीरें देखी जा सकती थीं, क्योंकि एक और राउंड गंवाने का मतलब था पदक की दौड़ से बाहर होना। लेकिन जगशेर ने पैनिक होने के बजाय दूसरे राउंड में पूरी रणनीति ही बदल डाली। उन्होंने अपने डिफेंस को मजबूत करते हुए काउंटर-अटैक की तकनीक अपनाई और रिदम में आते हुए सटीक स्ट्रेट राइट्स और अपरकट के जरिए विपक्षी खिलाड़ी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

रिंग के भीतर खंगुरा का गजब का पंच और वो पलटवार जिसने विरोधी का तोड़ा हौसला

दूसरे राउंड में मिली सफलता ने जगशेर खंगुरा का मनोबल कई गुना बढ़ा दिया था। तीसरे और निर्णायक राउंड की घंटी बजते ही जगशेर एक अलग ही आक्रामक तेवर में नजर आए। उन्होंने रिंग के कोनों का इस्तेमाल करते हुए विपक्षी बॉक्सर को जाल में फंसाया और चेहरे तथा बॉडी शॉट्स का ऐसा तालमेल बिठाया कि विरोधी मुक्केबाज के पास उनका कोई जवाब नहीं था। जगशेर की शारीरिक फिटनेस और स्टैमिना ने इस निर्णायक राउंड में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। पूरे तीन मिनट तक बिना थके उन्होंने मुक्कों की ऐसी बारिश की कि रेफरी को कई बार बाउट रोककर विपक्षी बॉक्सर को चेतावनी देनी पड़ी। जैसे ही अंतिम व्हिसल बजी, यह साफ हो चुका था कि इस ऐतिहासिक पलटवार ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया है, और जजों ने सर्वसम्मति से जगशेर को विजेता घोषित कर दिया।

सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ ही भारत की झोली में आया मेडल, अब गोल्ड पर टिकी हैं नजरें

वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के नियमों के अनुसार, सेमीफाइनल में जगह बनाते ही मुक्केबाज का कम से कम कांस्य पदक (Bronze Medal) पक्का हो जाता है। जगशेर खंगुरा की इस शानदार जीत के साथ ही भारत के पदक तालिका में खाता खुलना तय हो गया है। हालांकि, मैच के बाद दिए गए अपने बयान में जगशेर ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल कांस्य पदक तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि वे भारत के लिए स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतने के इरादे से रिंग में उतरे हैं। सेमीफाइनल मुकाबले में अब उनका सामना एक और कड़े प्रतिद्वंद्वी से होने जा रहा है, लेकिन जिस प्रकार का जुझारूपन और गजब का फॉर्म उन्होंने इस मैच में दिखाया है, उससे देश भर के प्रशंसकों को पूरी उम्मीद है कि जगशेर इस बार गोल्ड मेडल पर ही अपना नाम लिखवाएंगे।

भारतीय मुक्केबाजी का नया सितारा और युवाओं के लिए प्रेरणा बना यह कमबैक

जगशेर खंगुरा का पहला राउंड हारकर जिस प्रकार से मुकाबला जीतना केवल एक खेल प्रतियोगिता की खबर नहीं है, बल्कि यह खेल भावना, अनुशासन और मानसिक मजबूती की एक बेहतरीन मिसाल है। जमीनी स्तर से उठकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने वाले जगशेर ने यह साबित कर दिया है कि यदि आपके पास सही रणनीति और कभी न हार मानने का जज्बा हो, तो किसी भी कठिन परिस्थिति से वापसी की जा सकती है। भारतीय मुक्केबाजी संघ (BFI) और देश के कई खेल दिग्गजों ने जगशेर को इस ऐतिहासिक सफलता पर बधाई दी है। अब पूरा देश सेमीफाइनल में जगशेर के उस स्वर्णिम मुक्के का इंतजार कर रहा है जो भारत को विश्व चैंपियन बनाएगा।