मेडल कम, लेकिन तबाही पूरी; जानिए क्यों ऐतिहासिक रहा ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का सफर
स्कॉटलैंड में आयोजित ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स (Glasgow 2026 Commonwealth Games) का समापन हो गया है, जिसमें भारतीय एथलीटों ने बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है।
भारत ने इस बहु-खेल महाकुंभ में कुल 39 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। मेडल टैली में ऑस्ट्रेलिया कुल 171 पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि इंग्लैंड 110 पदकों के साथ दूसरे और कनाडा 62 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज रहा। भारत और मेजबान देश स्कॉटलैंड दोनों ने 13-13 गोल्ड मेडल जीते, लेकिन बेहतर सिल्वर पदकों (17 सिल्वर) के आधार पर भारत ने चौथा स्थान हासिल किया।
कम मेडल के बावजूद ऐतिहासिक क्यों रहा भारत का यह सफर?
निसंदेह, पिछले कुछ संस्करणों की तुलना में इस बार भारत के कुल पदकों की संख्या 50 के आंकड़े को नहीं छू पाई। 1998 के कुआलालंपुर कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद यह पहला मौका है जब भारत 50 से कम पदक लेकर आया है।
हालांकि, इस बार मेडल कम रहने के पीछे एक बहुत बड़ी वजह थी—लागत में कटौती के उपायों के चलते कई प्रमुख खेलों को इस बार के शेड्यूल से बाहर कर दिया जाना। कुश्ती, बैडमिंटन और शूटिंग जैसे वे पारंपरिक खेल, जिनमें भारत हमेशा से ढेरों गोल्ड मेडल जीतता आया है, इस बार गेम्स का हिस्सा नहीं थे। इन चुनौतियों के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अन्य विधाओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
कुआलालंपुर से ग्लासगो तक: पिछले 7 आयोजनों में भारत का सफर
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1998 (कुआलालंपुर): 25 मेडल
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2002 (मैनचेस्टर): 69 मेडल
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2006 (मेलबर्न): 50 मेडल
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2010 (नई दिल्ली): 101 मेडल
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2014 (ग्लासगो): 64 मेडल
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2018 (गोल्ड कोस्ट): 66 मेडल
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2022 (बर्मिंघम): 61 मेडल
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2026 (ग्लासगो): 39 मेडल
बॉक्सिंग और जूडो में रचा गया नया इतिहास
इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की बॉक्सिंग टीम ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भाग लेने वाले सभी 10 भारतीय मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे, जिनमें से 7 ने स्वर्ण पदक (Gold Medals) अपने नाम किए। इसके अलावा, जूडो में भी भारत ने पहली बार शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल चार पदक जीते, जिसमें दो स्वर्ण पदक शामिल रहे। वेटलिफ्टिंग और पैरा स्पोर्ट्स में भी भारतीय एथलीटों का दबदबा देखने को मिला।
एथलेटिक्स में चमके गुलवीर सिंह और नीरज चोपड़ा
एथलेटिक्स के मैदान पर भारत के लिए कई रिकॉर्ड बने। लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने; उन्होंने 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर और 5,000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। जैवलिन थ्रो में देश के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इसके अलावा, ट्रिपल जंप इवेंट में प्रवीण चित्रवेल (सिल्वर) और सेल्वा प्रभु थिरुमारन (ब्रॉन्ज़) ने डबल पोडियम फिनिश कर देश का मान बढ़ाया। मीराबाई चानू ने वेटलिफ्टिंग में एक बार फिर गोल्ड मेडल जीतकर अपनी उत्कृष्टता साबित की।