लाइव टीवी पर मोहम्मद शमी से पूछा गया 'जय हिंद' बोलने पर सवाल, फिर जो हुआ उस पर यकीन नहीं कर पाएंगे आप
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं। इसी बीच उनका एक इंटरव्यू चर्चा का केंद्र बन गया है। एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान शमी ने वंदे मातरम, जय हिंद और भारत माता की जय जैसे नारों को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखी। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है और बड़ी संख्या में लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
वंदे मातरम पर क्या बोले मोहम्मद शमी?
इंटरव्यू में जब मोहम्मद शमी से पूछा गया कि क्या उन्हें वंदे मातरम गाने या बोलने में किसी तरह की आपत्ति है, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया। शमी ने कहा कि उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं है। उनका कहना था कि इससे उनकी पहचान या आस्था में कोई बदलाव नहीं आता।
उन्होंने आगे कहा कि उनके दीन और ईमान की शिक्षा भी यही है कि यदि सरकार कोई नियम बनाती है तो उसका पालन करना नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है। उनके मुताबिक, कानून का सम्मान धर्म, जाति या किसी अन्य पहचान से ऊपर होना चाहिए।
'जय हिंद' और 'भारत माता की जय' पर भी रखी स्पष्ट राय
बातचीत के दौरान शमी से जय हिंद और भारत माता की जय जैसे नारों को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इन नारों से किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
शमी ने कहा कि यदि वह भारत माता की जय कहते हैं तो इससे उनका कुछ भी नहीं बिगड़ता, क्योंकि यह उनके अपने देश का नाम है। उन्होंने यह भी कहा कि जय हिंद बोलने में किसी को समस्या नहीं होनी चाहिए और ऐसी बातों को अनावश्यक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
'मुझे किसी का डर नहीं, सिर्फ अपने सिद्धांतों का ध्यान है'
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या इस तरह के बयान देने पर उन्हें आलोचना या कट्टरपंथी प्रतिक्रियाओं का डर लगता है, तो शमी ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें किसी का डर नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों का सामना वह पहले भी कई बार कर चुके हैं। उनके अनुसार, उन्हें केवल इस बात का ध्यान रहता है कि वह अपने सिद्धांतों से कभी समझौता न करें। शमी ने दोहराया कि सरकार और कानून का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।