पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को हराकर सीरीज की बराबर: बाबर आजम ने कप्तानी में रचा इतिहास, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को हराकर सीरीज की बराबर: बाबर आजम ने कप्तानी में रचा इतिहास, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए रोमांचक दूसरे टेस्ट मुकाबले में पाकिस्तान की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की है। दो मैचों की इस टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला हारकर बाबर आजम की अगुवाई वाली पाकिस्तानी टीम बैकफुट पर आ गई थी, लेकिन दूसरे मैच में जबरदस्त वापसी करते हुए सीरीज को 1-1 की बराबरी पर समाप्त किया। पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले गए इस मुकाबले में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज की दूसरी पारी को महज 117 रन पर समेट दिया और फिर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया।

विदेश में बाबर आजम की कप्तानी का अद्भुत रिकॉर्ड

भले ही पिछले कुछ समय से बाबर आजम के बल्ले से टेस्ट क्रिकेट में शतक देखने को न मिला हो और वे अपनी पुरानी फॉर्म के लिए जूझ रहे हों, लेकिन कप्तानी के मोर्चे पर उन्होंने एक ऐसा करिश्माई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है जिसे तोड़ना किसी भी कप्तान के लिए आसान नहीं होगा। बाबर आजम के कप्तान बनते ही पाकिस्तान को विदेशी सरजमीं पर लगातार सफलताएं मिली हैं। आंकड़े गवाह हैं कि पाकिस्तान की घर से बाहर पिछली सभी 7 टेस्ट जीत बाबर आजम की कप्तानी में ही आई हैं, जबकि शान मसूद की कप्तानी में टीम विदेशी दौरों पर संघर्ष करती नजर आई है।

टेस्ट इतिहास में सबसे बेहतरीन 'अवे' जीत-हार का अनुपात

कप्तान के रूप में बाबर आजम की यह 12वें विदेशी (अवे) टेस्ट मैच में नौवीं जीत थी। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कम से कम 12 मेहमान मैचों में कप्तानी करने वाले सभी कप्तानों में उनका जीत-हार (W/L) का अनुपात सबसे बेहतरीन हो गया है। उनका 3.00 का शानदार जीत-हार अनुपात उन्हें रिकी बेनो, लेन हट्टन, क्लाइव लॉयड और स्टीव वॉ जैसे महान कॉप्टनों से भी आगे खड़ा करता है।

  • बाबर आजम (2021–2026): 12 मैच, 9 जीत, 3 हार, अनुपात: 3.00

  • रिची बेनो (1959–1961): 12 मैच, 5 जीत, 2 हार, 5 ड्रॉ, अनुपात: 2.50

  • लेन हट्टन (1954–1955): 12 मैच, 7 जीत, 3 हार, 2 ड्रॉ, अनुपात: 2.33

  • क्लाइव लॉयड (1974–1985): 50 मैच, 23 जीत, 10 हार, 17 ड्रॉ, अनुपात: 2.30

  • स्टीव वॉ (1999–2003): 25 मैच, 16 जीत, 7 हार, 2 ड्रॉ, अनुपात: 2.28

शतक का सूखा जारी, पर कप्तानी में साबित हुए अव्वल

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में बाबर आजम ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 88 रनों की शानदार पारी खेली। ऐसा लग रहा था कि वे अपने लंबे समय से चले आ रहे शतक के सूखे को खत्म कर लेंगे, लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण रन आउट के चलते वे शतक से चूक गए। उन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में अपना आखिरी शतक साल 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ लगाया था। व्यक्तिगत फॉर्म में उतार-चढ़ाव के बावजूद विदेशी धरती पर उनकी असरदार कप्तानी ने साबित कर दिया है कि वे टीम के लिए कितने मूल्यवान कप्तान हैं।

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