सचिन तेंदुलकर ने खरीदी 3.9 एकड़ जमीन, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान
महाराष्ट्र के प्रीमियम हॉलिडे डेस्टिनेशंस में बड़े निवेशकों और मशहूर हस्तियों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर द्वारा लोनावला में किए गए भारी-भरकम जमीन सौदे ने इस क्षेत्र के प्रॉपर्टी बाजार को चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। पंजीयन कार्यालय के रिकॉर्ड्स बताते हैं कि उन्होंने 4 सितंबर को तीन अलग-अलग रजिस्टर्ड सौदों के जरिए 3.9 एकड़ से अधिक भूमि अपने नाम कराई है। इस संपूर्ण भूखंड का दायरा 15,601.78 वर्ग मीटर यानी लगभग 1.68 लाख वर्ग फीट बैठता है। इसमें एक हिस्से पर तकरीबन 2,100 वर्ग फीट का निर्माण पहले से मौजूद है। यह पूरी मिल्कियत लोनावला के एच-वार्ड स्थित चार अलग-अलग नगर सर्वेक्षण क्रमांकों के तहत दर्ज है।
तीन चरणों में 70 करोड़ का सौदा: जानिए पूरा गणित
इस पूरे निवेश में सबसे बड़ा हिस्सा 63.69 करोड़ रुपये का रहा जिसके जरिए लगभग 3.09 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ। इसी भूखंड पर पहले से बना छोटा ढांचा भी शामिल है। इस मुख्य टुकड़े का प्रभावी भाव करीब 4,735 रुपये प्रति वर्ग फीट रहा। इसके अतिरिक्त दो अन्य अनुबंधों में उन्होंने दो अलग-अलग प्लॉट्स में 50 प्रतिशत की अविभाजित हिस्सेदारी ली। इनमें से एक अनुबंध 4.56 करोड़ रुपये का रहा जिसमें 2,302.27 वर्ग मीटर जमीन की भागीदारी शामिल है। वहीं दूसरा अनुबंध 1.75 करोड़ रुपये में 803.93 वर्ग मीटर क्षेत्र के लिए हुआ। इन दोनों हिस्सों को मिलाकर कुल 0.77 एकड़ जमीन में हिस्सेदारी का लेन-देन पूरा हुआ।
सरकार को मिला 4.20 करोड़ रुपये का राजस्व
द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन तीनों सौदों का समग्र औसत मूल्यांकन करीब 4,168 रुपये प्रति वर्ग फीट आंका गया है। इसके विपरीत दोनों अविभाजित हिस्सों का स्वतंत्र औसत लगभग 1,888 रुपये प्रति वर्ग फीट बैठता है। इस बड़े लैंड पार्सल के वैधानिक हस्तांतरण के लिए सरकारी खजाने में 4.20 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी जमा कराई गई। हालांकि इस संपत्ति सौदे पर खिलाड़ी के प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
बने-बनाए विला के बजाय बड़े भूखंडों की ओर बढ़ता रुझान
मुंबई और पुणे के बीच स्थित लोनावला दशकों से वीकेंड वेकेशन और सेकंड-होम के लिए पहली पसंद रहा है। अब हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स का नजरिया केवल रेडी-टू-मूव बंगले खरीदने तक सीमित नहीं है। धनाढ्य निवेशक अब बड़े भूखंड खरीदकर अपनी पसंद के मुताबिक निजी फार्महाउस या वेकेशन एस्टेट तैयार करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुंबई से बेहतरीन सड़क संपर्क और शांत प्राकृतिक वातावरण के कारण लोनावला के साथ-साथ अलीबाग और गोवा जैसे क्षेत्रों में भी यह नया रुझान तेजी पकड़ रहा है।