स्मृति मंधाना ने मचाया तहलका! एक ही पारी में 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड, अब पाकिस्तान की बारी

स्मृति मंधाना ने मचाया तहलका! एक ही पारी में 2 वर्ल्ड रिकॉर्ड, अब पाकिस्तान की बारी

महिला एशिया कप के मंच पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना का बल्ला जमकर आग उगल रहा है। हांगकांग के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मंधाना ने मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश करते हुए एक ही पारी में दो बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

30 वर्षीय भारतीय ओपनर ने सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज मेग लैनिंग को पछाड़कर विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने का कीर्तिमान स्थापित किया। इसके बाद अपनी मेंटॉर और पूर्व दिग्गज कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़कर महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की नंबर एक बल्लेबाज बन गईं। स्मृति की 124 रनों की तूफानी शतकीय पारी के बूते भारतीय टीम ने हांगकांग पर 137 रनों की विशाल और एकतरफा जीत दर्ज की।

पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबला: सूजी बेट्स को पछाड़ नंबर 1 बनने का सुनहरा मौका

हांगकांग को रौंदने के बाद अब हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम का अगला हाई-वोल्टेज मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होना है। इस महामुकाबले में भी स्मृति मंधाना के पास इतिहास के पन्नों में एक और नया अध्याय जोड़ने का शानदार मौका रहेगा। वर्तमान आंकड़ों पर नजर डालें तो मंधाना ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 4681 रन बना लिए हैं। वह विमेंस टी20I में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली न्यूजीलैंड की दिग्गज बल्लेबाज सूजी बेट्स (4758 रन) से महज 74 रन पीछे हैं। यदि स्मृति पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में 74 या उससे अधिक रन बनाने में सफल हो जाती हैं, तो वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाली दुनिया की नंबर-1 बल्लेबाज बन जाएंगी।

विमेंस टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली टॉप-5 बल्लेबाज

महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 4758 रनों के साथ शीर्ष पर काबिज हैं। दूसरे नंबर पर भारतीय उप-कप्तान स्मृति मंधाना 4681 रनों के साथ तेजी से शीर्ष की ओर बढ़ रही हैं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर 4231 रनों के साथ तीसरे पायदान पर मौजूद हैं। इसके बाद श्रीलंका की स्टार ऑलराउंडर चमारी अथापथ्थु 4092 रनों के साथ चौथे और न्यूजीलैंड की आक्रामक बल्लेबाज सोफी डिवाइन 3817 रनों के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

लगातार दो जीत के बाद भी मिडिल ऑर्डर बना सिरदर्द: मंधाना पर निर्भरता चिंता का सबब

टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने भले ही अपने दोनों शुरुआती मुकाबलों में जीत दर्ज कर ली हो, लेकिन भारतीय बल्लेबाजी क्रम की कमजोरियां अभी भी टीम मैनेजमेंट के लिए गहरी चिंता का विषय बनी हुई हैं। हांगकांग के खिलाफ मैच में स्मृति ने अकेले दम पर मोर्चा संभाला, लेकिन दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का ठोस साथ नहीं मिला। युवा ओपनर शैफाली वर्मा ने पावरप्ले में कुछ आक्रामक शॉट खेलकर 28 रन बनाए, लेकिन उनके पवेलियन लौटते ही पूरी पारी का दारोमदार अकेले मंधाना के कंधों पर आ गया था।

थाईलैंड के खिलाफ भी लड़खड़ाया था मध्यक्रम, जेमिमा की कमी से बिगड़ा संतुलन

इससे पहले थाईलैंड के खिलाफ खेले गए पहले मैच में भी भारतीय मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था। उस मुकाबले में शैफाली के 64 रनों के बावजूद भारतीय टीम 159 रन ही बना सकी थी, जिसमें मंधाना ने 19 और प्रतिका रावल ने 22 रन का योगदान दिया था। उस मैच में भारत ने 9 विकेट गंवा दिए थे और छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके थे। जेमिमा रोड्रिग्स की गैरमौजूदगी ने टीम के संतुलन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कप्तान हरमनप्रीत कौर और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष की खराब फॉर्म भी टीम के लिए खतरे की घंटी है, जबकि भारती फुलमाली भी अब तक अपनी क्षमता के अनुसार प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही हैं। बड़े मुकाबलों से पहले टीम इंडिया को अपनी इन कमजोरियों से तुरंत पार पाना होगा।