सुचिका तारियाल ने MMA में रचा इतिहास, भारत को दिलाया पहला ऐतिहासिक मेडल
जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेल 2026 से भारत के लिए दोहरी खुशी की खबर सामने आई है। भारतीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर सुचिका तारियाल ने देश के लिए वह कर दिखाया है जो पहले कभी नहीं हुआ था।
36 वर्षीय अनुभवी एथलीट सुचिका ने महिला ट्रेडिशनल 60 किलोग्राम भारवर्ग में कांस्य पदक अपने नाम कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। एशियाई खेलों के मंच पर पहली बार शामिल किए गए एमएमए खेल में यह भारत का पहला पदक है।
सेमीफाइनल में सिंगापुर से मुकाबला, क्वार्टरफाइनल में दिखाया था दम
सुचिका तारियाल का सफर सेमीफाइनल में सिंगापुर की हुई हून टीओ के खिलाफ कड़े मुकाबले में 0-2 से हार के साथ समाप्त हुआ। फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद भी उन्होंने देश की झोली में कांस्य पदक डाल दिया। इससे पहले क्वार्टरफाइनल मुकाबले में उन्होंने मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा को एकतरफा अंदाज में 2-0 से शिकस्त देकर अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की थी और भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर लिया था।
विभिन्न खेलों में भारत का मान बढ़ा चुकी हैं सुचिका
सुचिका तारियाल भारतीय खेल जगत का एक बहुमुखी चेहरा रही हैं। 36 साल की उम्र में भी उनका जज्बा युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने वर्ष 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद वर्ष 2023 के एशियाई खेलों में वह कुराश स्पर्धा में भारतीय दल का हिस्सा थीं। अब एशियाई खेलों में एमएमए के ऐतिहासिक डेब्यू पर पदक जीतकर उन्होंने अपनी खेल यात्रा में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ लिया है।
निशानेबाजी में 10 मीटर एयर राइफल टीम ने जीता सिल्वर मेडल
दिन की शुरुआत भी भारतीय दल के लिए बेहद शानदार रही, जहां निशानेबाजों ने सटीक निशाना साधते हुए पोडियम पर जगह बनाई। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रुद्रांकक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ माने की भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 1890.1 अंक जुटाए और रजत पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन की मजबूत तिकड़ी (शेंग लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगहोंग) ने 1899.0 के स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए जीता।
व्यक्तिगत फाइनल में भी मेडल की मजबूत दावेदारी
ऐची प्रीफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में टीम स्पर्धा के साथ-साथ व्यक्तिगत राउंड में भी भारतीय शूटर्स का दबदबा देखने को मिला। रुद्रांकक्ष पाटिल 631.8 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहकर व्यक्तिगत फाइनल में पहुंचे। हिमांशु ढिल्लों ने 630.0 अंकों के साथ 7वां स्थान हासिल कर फाइनल का टिकट पक्का किया, जबकि पार्थ माने 628.3 अंकों के साथ 10वें पायदान पर रहे। नियमों के मुताबिक शीर्ष 8 में से एक देश के अधिकतम दो निशानेबाज ही फाइनल में जा सकते हैं, जिसका फायदा व्यक्तिगत समीकरणों पर दिखा। चीन के शेंग लिहाओ 635.4 अंकों के एशियाई खेलों के रिकॉर्ड के साथ शीर्ष पर रहे, वहीं मा सिहान 633.0 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। पांचवें स्थान पर रहे चीनी शूटर झांग चांगहोंग (630.6 अंक) नियम के चलते फाइनल से बाहर हो गए।
भारत की पदक तालिका पहुंची 4 पर
सुचिका तारियाल के इस ऐतिहासिक कांस्य पदक और राइफल टीम के रजत पदक के बाद एशियाई खेल 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 4 हो गई है। इससे पहले भारत ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी रजत पदक अपने नाम किया था। कुल 4 पदकों में तीन रजत निशानेबाजी से आए हैं, जबकि एक कांस्य एमएमए से जुड़ा है।