3 बार के गोल्ड मेडलिस्ट पैरा-एथलीट नीरज यादव ने की आत्महत्या, डोपिंग बैन से थे परेशान
भारत के दिग्गज पैरा-एथलीट और एशियन पैरा गेम्स में तीन बार के गोल्ड मेडलिस्ट 42 वर्षीय नीरज यादव ने कथित तौर पर अपने घर पर जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। फिलहाल दिल्ली के एक अस्पताल में उनके शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इंडियन पैरा-एथलेटिक्स टीम के हेड कोच एस सत्यनारायण ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए इसे खेल जगत के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
बताया जा रहा है कि F55 कैटेगरी में खेलने वाले नीरज डोपिंग सस्पेंशन के कारण इसी महीने हुए ऐची-नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे, जिसके चलते वह गहरे मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहे थे।
दरअसल अक्टूबर 2023 में हांग्जो एशियन पैरा गेम्स से ठीक छह दिन पहले बेंगलुरु में हुए नाडा (NADA) के टेस्ट में उनका सैंपल स्टैनोज़ोलोल नामक प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव पाया गया था। हालांकि नीरज ने इन नतीजों का कड़ा विरोध करते हुए अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए सैंपल के डीएनए टेस्ट की भी मांग की थी, लेकिन उनका सस्पेंशन जारी रहा।
इस बैन के कारण 2026 के गेम्स में न खेल पाने से उन्हें मेडल, सरकारी नकद इनाम और पक्की नौकरी के मौकों का भारी नुकसान उठाना पड़ा। महज सात साल की उम्र में पोलियो के कारण पैरालिसिस का शिकार हुए नीरज ने पहले व्हीलचेयर टेनिस खेला और फिर सिटिंग पैरा-एथलेटिक्स में कदम रखा। उन्होंने 2018 जकार्ता गेम्स के जेवलिन थ्रो और 2023 हांग्जो गेम्स के जेवलिन व डिस्कस दोनों इवेंट्स में स्वर्ण पदक जीतकर इंटरनेशनल लेवल पर भारत का सिर फक्र से ऊंचा किया था। कोच सत्यनारायण ने नीरज के निधन पर शोक जताते हुए अन्य खिलाड़ियों को यह अहम संदेश भी दिया कि जीवन में सफलता और असफलता दोनों का डटकर सामना करना सीखना बेहद जरूरी है।