विराट कोहली की आक्रामकता और फील्डिंग का दीवाना क्यों है क्रिकेट जगत, पूर्व कोच टी दिलीप ने किया बड़ा खुलासा

विराट कोहली की आक्रामकता और फील्डिंग का दीवाना क्यों है क्रिकेट जगत, पूर्व कोच टी दिलीप ने किया बड़ा खुलासा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व फील्डिंग कोच टी दिलीप ने पूर्व कप्तान विराट कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा है कि मैदान पर उनकी अनूठी आक्रामकता और कभी न थकने वाला जोश ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

स्टार स्पोर्ट्स द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में खुलकर बात करते हुए दिलीप ने बताया कि यह दिग्गज बल्लेबाज अपने आसपास के खिलाड़ियों के लिए लगातार प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बना रहता है और साथ ही यह भी साफ किया कि दिल्ली के इस स्टार क्रिकेटर की कार्यशैली में प्रशिक्षण सत्रों और अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान कोई भी खास अंतर देखने को नहीं मिलता है।

दिलीप के अनुसार, जब विराट कोहली की बात आती है, तो उनकी मैदान पर तीव्रता और एनर्जी लेवल पर कभी कोई समझौता नहीं किया जा सकता है, जिसे फैंस ने अक्सर पावर प्ले के दौरान कवर या शॉर्ट मिड-विकेट पर खड़े होकर बल्लेबाजों पर अपनी फुर्ती, डाइव और शानदार फील्डिंग से दबाव बनाते हुए साफ तौर पर देखा होगा।

मैदान पर हर वक्त सक्रिय रहते हैं कोहली

टी दिलीप का मानना है कि कोहली का प्रभाव केवल उनकी प्रत्यक्ष या आम फील्डिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने पूर्व कप्तान द्वारा गेंदों के बीच किए जाने वाले उन अथक प्रयासों पर भी विशेष प्रकाश डाला जो आमतौर पर लोगों का ध्यान खींचते हैं। इसमें नॉन-स्ट्राइकर एंड की ओर तेजी से दौड़कर जाना, थ्रो लेना और गेंद को मुस्तैदी से विकेटकीपर को वापस सौंपना शामिल है।

दिलीप ने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात यह नहीं है कि गेंद सीधे उनके पास आने पर वह क्या करते हैं, बल्कि वह तब भी पूरी तरह खेल में रमे रहते हैं जब गेंद उनके आसपास भी नहीं होती है। आप उन्हें लगातार नॉन-स्ट्राइकर की तरफ दौड़ते हुए, हर एक छोटी गेंद को मुस्तैदी से पकड़ते हुए और विकेटकीपर को सटीक थ्रो फेंकते हुए आसानी से देख सकते हैं, जो उनकी खेल के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।

टीम के बाकी खिलाड़ियों पर पड़ता है गहरा असर

पूर्व फील्डिंग कोच ने कोहली की पारी के आखिरी पलों और डेथ ओवर्स के दौरान भी बेहद चुनौतीपूर्ण पोजीशन लेने की उनकी जबरदस्त तत्परता की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि कोहली मैच के अंतिम ओवरों में भी जान जोखिम में डालकर कठिन फील्डिंग करने के लिए हमेशा पूरी तरह से तैयार रहते हैं, और उनका यही बेजोड़ रवैया पूरी टीम के ग्रुप पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव डालता है।

उनकी यह संक्रामक ऊर्जा अन्य युवा फील्डरों को भी मैदान पर अपनी पूरी क्षमता का शत-प्रतिशत इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करती है। अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर के इस पड़ाव पर भी वह आज आखिरी ओवरों में लॉन्ग ऑन की तरफ बिजली की तरह दौड़ते हैं और टीम के लिए सबसे आगे खड़े होकर रन बचाने का काम करते हैं। जब विराट मैदान पर आसपास होते हैं, तो टीम का जोश हमेशा सातवें आसमान पर रहता है।

दिलीप ने आगे बताया कि विराट के साथ सबसे खास बात यह है कि अभ्यास सत्र हो या हाई-वोल्टेज मैच, उनके अनुशासन में कभी कोई अंतर नहीं आता और उनके साथ फील्डिंग करने वाले अन्य पांच खिलाड़ी भी अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

टी दिलीप का शानदार और ऐतिहासिक कार्यकाल

आपको बता दें कि टी दिलीप नवंबर 2021 में भारतीय राष्ट्रीय टीम के साथ बतौर फील्डिंग कोच जुड़े थे और इसी महीने की शुरुआत में उन्होंने अपने इस पद से आधिकारिक तौर पर विदा ली है। उनके इस अत्यंत सफल कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए कई बड़े खिताब अपने नाम किए, जिसमें 2024 और 2026 के टी20 विश्व कप, 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 व 2025 के एशिया कप की शानदार जीत शामिल है।

हालांकि, उनके कार्यकाल में टीम इंडिया 2023 के वनडे विश्व कप और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में उपविजेता भी रही थी। जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम के टी20 अंतरराष्ट्रीय दौरे के ठीक बाद उनका अनुबंध आगे नवीनीकृत नहीं किया गया और उनके स्थान पर सुभदीप घोष को भारतीय टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त कर दिया गया है, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को हमेशा एक मिसाल के रूप में याद रखा जाएगा।