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Up kiran,Digital Desk : दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में चल रहे 'बिजनेस कॉन्क्लेव 2026' के दूसरे दिन शौर्य और साहस की गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, पूर्व मेजर जनरल (डॉ.) गगनदीप बख्शी ने अपनी ओजस्वी वाणी से छात्रों में जोश भर दिया। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध के अनसुने किस्से साझा करते हुए बताया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर इतिहास रचा जाता है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में अमर उजाला मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।

1971 युद्ध के वो 13 दिन: जब रचा गया इतिहास

मेजर जनरल बख्शी ने छात्रों को अपने सेना जीवन के उन दिनों में ले गए जब देश युद्ध के मुहाने पर खड़ा था। उन्होंने बताया, "मैं 1971 के 'बॉर्न टू बैटल' बैच का हिस्सा था। 14 नवंबर 1971 को मुझे कमीशन मिला और सीधे युद्ध के मैदान में भेज दिया गया। हमारी पलटन सिलीगुड़ी स्टेशन उतरी और वहां से तुरंत बांग्लादेश की सीमा में दाखिल हो गई। वह मंजर बेहद कठिन था, कई साथियों ने पहली ही रात अपनी जान गंवा दी।"

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सेना के पराक्रम का ही परिणाम था कि सिर्फ 13 दिनों के भीतर हमारी सेनाओं ने 550 किलोमीटर मार्च किया और ढाका पर तिरंगा फहरा दिया। 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों का सरेंडर दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण था।

वैश्विक संघर्षों के बीच साहस का संदेश

रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व (Middle East) के तनाव का जिक्र करते हुए बख्शी ने कहा कि आज की दुनिया चुनौतियों से भरी है, चाहे वह युद्ध का मैदान हो या बिजनेस की दुनिया। उन्होंने छात्रों को मंत्र देते हुए कहा, "चुनौतियां स्थायी नहीं होतीं। यदि आपके पास साहस और एकजुटता है, तो विजय निश्चित है। एक लीडर वही है जो दबाव में भी शांत रहकर सही फैसला ले सके।"

दिग्गजों का जमावड़ा: खेल से लेकर कॉमेडी तक की धूम

कॉन्क्लेव के दूसरे दिन छात्रों को जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों के दिग्गजों से सीखने का मौका मिला:

स्पोर्ट्स पैनल: विजेंद्र सिंह, दीपक निवास हुड्डा, योगेश्वर दत्त और रवि दहिया ने अपने संघर्षों की कहानी सुनाई।

बिजनेस और फाइनेंस: टाटा के सीईओ गिरीश कृष्णमूर्ति ने हेल्थ सेक्टर पर चर्चा की, वहीं हर्ष गुप्ता ने छात्रों को इन्वेस्टमेंट के बारीकियां सिखाईं।

राजनीति और प्रेरणा: केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने छात्रों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

मनोरंजन: कॉमेडियन आशीष सोलंकी ने अपने जोक्स से पूरे माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया।

बिजनेस के गुर और स्टार्टअप स्टॉल्स

पूरे दिन कैंपस में स्टार्टअप स्टॉल्स, गेम्स और प्रतियोगिताओं का दौर चलता रहा। छात्रों ने केस स्टडी, मार्केटिंग, ह्यूमन रिसोर्स और पब्लिक रिलेशंस जैसी चुनौतियों में हिस्सा लिया। जीटी पैनल (GT Panel) ने उभरते हुए उद्यमियों को स्टार्टअप शुरू करने के व्यावहारिक टिप्स दिए। 17 से 19 फरवरी तक चलने वाला यह कॉन्क्लेव कॉलेज के 100वें वर्ष के जश्न का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।