पाकिस्तान ईरान के प्रति हिंदुस्तान की भांति स्वायत्त विदेश नीति स्थापित करने के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है, फिर भी वो अमेरिका से प्रतिबंधों की निरंतर धमकियों से घिरा हुआ है। पश्चिमी दबावों के बावजूद, भारत ने द्विपक्षीय व्यापार के फलने-फूलने के साथ, रूस के साथ सफलतापूर्वक सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखे हैं।
भारत की कॉपी कर, पाकिस्तान ने भी अलग अलग समझौतों के माध्यम से ईरान के साथ व्यापार बढ़ाने की मांग की है, बताया जा रहा है कि अब पाकिस्तान को अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेलनी पड़ सकती है।
ईरानी प्रेसिडेंट इब्राहिम रईसी 22-24 अप्रैल के बीच तीन दिवसीय पाकिस्तान दौरे पर थे. इजरायल पर अटैक के कुछ वक्त बाद रईसी के पाकिस्तान दौरे से अमेरिका पूरा तरह भड़क गया था। अमेरिका ईरान को इंटरनेशनल लेवल पर अलग-थलग करना चाहता है मगर रईसी के पाकिस्तान दौरे ने उसके इन प्रय़ासों को कमजोर किया है।
बता दें कि पाकिस्तान ने अमेरिकी धमकियों को इग्नोर करते हुए ईरानी प्रेसिडेंट के लिए रेड कार्पेट बिछाया और कहा कि इजरायल के साथ विवाद से पहले ये दौरा निर्धारित किया गया था।
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