इस देश की 70 सालों में उपलब्धि रही है, आतंकवाद और कट्टरपंथ: भारत

भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र महासभा में किए गए प्रलाप के जवाब में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है

नई दिल्ली, 26 सितम्बर यूपी किरण। भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के संयुक्त राष्ट्र महासभा में किए गए प्रलाप के जवाब में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पाकिस्तान के पास पिछले सत्तर सालों में दुनिया को दिखाने के लिए उपलब्धि के तौर पर आतंकवाद, जातीय सफाई और कट्टरपंथ है।
               
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का प्रयोग करते हो इमरान खान के विष घोलने वाले बयान के जवाब में कहा कि 70 सालों के इतिहास में संयुक्त राष्ट्र के इस मंच ने एक नई गिरावट देखी। संयुक्त राष्ट्र सभा ने आज एक ऐसे व्यक्ति को सुना जिसके पास उपलब्धि के तौर पर दिखाने के लिए कुछ नहीं है। उसके पास दुनिया को देने के लिए कोई सुझाव नहीं है। इसके बजाय वह इस मंच का प्रयोग झूठ, गलत सूचना और द्वेष फैलाने के लिए कर रहा हैं। इमरान खान वही व्यक्ति हैं जिन्होंने ओसामा बिन लादेन को अपनी संसद में शहीद कहा था।
मिजितो विनितो ने कहा कि पाकिस्तान सूचीबद्ध आतंकियों को धन मुहैया कराता है। एक अमेरिकी रिपोर्ट में 2019 में कहा गया था कि पाकिस्तान में 30 से 40 हजार आतंकवादी हैं जिन्हें प्रशिक्षण देकर अफगानिस्तान और जम्मू-कश्मीर भेजा जाता है।
इमरान खान ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संबोधन में भारत विरोधी प्रलाप करते हुए कहा था कि मोदी सरकार कश्मीरियों की पहचान खत्म करने पर आमादा है।
इमरान खान ने कहा कि मोदी सरकार ने महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के धर्मनिरपेक्षता के आदर्श को हिंदू राष्ट्र के निर्माण में बदल दिया है। इसके जरिए वह भारत के 20 करोड़ मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्यकों को गुलाम बनाना चाहता है।