10 साल में 20 पेपर लीक! अखिलेश यादव ने संसद में खोले सरकार के ऐसे धागे, बैकफुट पर आई BJP
लोकसभा में चल रहे पेपर लीक रोधी संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी जवाबदेही से बचने के लिए यह कदम उठाया है।
राष्ट्रीय राजधानी में NEET परीक्षा के पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "सरकार ने 'प्रधानमंत्री' को बचाने के लिए 'प्रधान' को हटा दिया है। सरकार झुकती तो है, लेकिन उसे झुकाने के लिए किसी की जरूरत है।"
'10 साल में 20 परीक्षाएं लीक, किस पर करें भरोसा?': सपा सुप्रीमो के तीखे सवाल
मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए पेपर लीक का ब्योरा देते हुए अखिलेश यादव ने संसद में सरकार से कड़े सवाल किए। उन्होंने कहा, "अगर कानून वाकई प्रभावी होता, तो भारतीय जनता पार्टी के दस साल के शासनकाल में 20 से अधिक परीक्षाएं कैसे लीक हो गईं?" उन्होंने नए संशोधन विधेयक पर सवाल उठाते हुए आगे कहा, "जो लोग पहले ही चोरी रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे, उन पर कैसे भरोसा किया जा सकता है? यह नया विधेयक तो मौजूदा कानून में महज एक मामूली संशोधन है। आप आखिर किसे बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं?"
इमरजेंसी और छात्र आंदोलन पर तीखी बहस, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को दिया जवाब
बहस के दौरान जब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'आपातकाल' (इमरजेंसी) का मुद्दा उठाया और बताया कि कैसे उस दौर में विरोध प्रदर्शनों को कुचला गया था, तो इस पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने कहा, "मैंने आपातकाल को अपनी आँखों से नहीं देखा, लेकिन देश की राजधानी में छात्रों के साथ जो हुआ, उसे मैंने स्वयं देखा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने NEET परीक्षा का विरोध कर रहे निर्दोष छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए आंसू गैस के गोले, कील लगे डंडे और अन्य सख्त हथियारों का इस्तेमाल किया।