श्मशान घाट में जल रही थी चिता, तभी 3 लोगों ने किया ऐसा काम कि उड़ गए सबके होश

श्मशान घाट में जल रही थी चिता, तभी 3 लोगों ने किया ऐसा काम कि उड़ गए सबके होश

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक अजीबोगरीब और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के बाद धधक रही चिता की आग का इस्तेमाल कुछ लोग मांस पकाने के लिए कर रहे थे। मृतक के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके दो अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। यह अमानवीय घटना पुवायन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नत्थपुर गांव की है।

अंतिम संस्कार के बाद श्मशान लौटा बेटा, नजारा देख उड़ गए होश

शाहजहांपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दीक्षा भावरे ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि नत्थपुर गांव निवासी एक परिवार ने गांव के बाहर बने श्मशान घाट में अपने बुजुर्ग परिजन का रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया था। दाह संस्कार संपन्न होने के बाद परिजन घर लौट आए। रविवार शाम को मृतक का बेटा वीरपाल जब कुछ बची हुई रस्मों के लिए दोबारा श्मशान घाट पहुंचा, तो वहां का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। उसने देखा कि तीन अज्ञात व्यक्ति उसके पिता की जलती चिता की आग पर बर्तन रखकर मांस पका रहे थे।

पुलिस ने सुरेंद्र को दबोचा, शराब के नशे में थे तीनों आरोपी

मृतक के बेटे वीरपाल ने बिना देर किए तुरंत डायल 112 और स्थानीय पुलिस को इस घिनौनी हरकत की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर सुरेंद्र नामक एक आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी पुलिस को देखकर फरार हो गए। पुलिस पूछताछ में आरोपी सुरेंद्र ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वे तीनों श्मशान घाट के पास बैठकर शराब पी रहे थे। शराब के नशे में उन्होंने चिता की आग देखी और उसी पर बर्तन चढ़ाकर मांस पकाने का फैसला कर लिया। पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र को सुसंगत धाराओं में जेल भेज दिया है और फरार दोनों साथियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है।

पुवायन में दूसरा गंभीर मामला: डॉक्टर पर नशे में सर्जरी का आरोप, प्रसूता की मौत

शाहजहांपुर का पुवायन क्षेत्र इस महीने एक अन्य गंभीर मामले को लेकर भी सुर्खियों में रहा है। पुवायन थाना क्षेत्र के काकरहा गांव निवासी 22 वर्षीय गर्भवती महिला जूली को 8 सितंबर को प्रसव पीड़ा होने पर एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल ले जाया जा रहा था।

आरोप है कि निजी एंबुलेंस चालक ने मिलीभगत कर सरकारी अस्पताल जाने के बजाय पुवायन के एक निजी अस्पताल के बाहर गाड़ी रोक दी और परिजनों को वहां दिखाने का झांसा दिया। अस्पताल में तैनात डॉ. फिरोज ने शहर से डॉ. केपी नामक एक अन्य सर्जन को बुलाया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि डॉ. केपी ने शराब के अत्यधिक नशे की हालत में महिला का सिजेरियन ऑपरेशन (सर्जरी) किया।

नवजात सुरक्षित, बरेली ले जाते समय मां ने तोड़ा दम; दो डॉक्टरों पर गैर इरादतन हत्या का केस

8 और 9 सितंबर की दरमियानी रात जूली ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया, लेकिन सर्जरी के कुछ ही देर बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। स्थिति बेकाबू होते देख डॉक्टरों ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए परिजनों को मरीज को तुरंत बरेली ले जाने को कहा। बरेली ले जाते समय रास्ते में ही जूली ने दम तोड़ दिया, जबकि नवजात शिशु का अस्पताल में उपचार जारी है। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दीक्षा भावरे ने पुष्टि की है कि मृतका के परिजनों की तहरीर पर डॉ. केपी और डॉ. फिरोज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की विस्तृत चिकित्सकीय व कानूनी जांच कर रही है।