बिजनौर में 'हनीट्रैप' का घिनौना खेल! पुलिस के हत्थे चढ़े बब्बू लंगड़ा और 3....
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और घिनौना मामला सामने आया है, जिसने आम जनता के होश उड़ाकर रख दिए हैं। आधुनिक युग में ठगी और ब्लैकमेलिंग के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं, लेकिन बिजनौर में जो खेल चल रहा था, उसने 'हनीट्रैप' और फर्जी मुकदमों की तमाम हदें पार कर दी थीं। भोली-भाली जनता और रईस लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे अवैध वसूली करने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस खतरनाक सिंडिकेट का सरगना कोई और नहीं बल्कि कुख्यात अपराधी 'बब्बू लंगड़ा' है, जो अपने तीन अन्य महिला साथियों समेत कुल पांच शातिर सदस्यों के साथ पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। यह गिरोह पहले खूबसूरत महिलाओं के जरिए सीधे-साधे और प्रतिष्ठित लोगों को अपने प्रेम जाल में फंसाता था, और फिर दुष्कर्म या छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों में फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर उनसे लाखों रुपये की भारी-भरकम रकम ऐंठता था। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है और इस पूरे काले कारोबार की परतें धीरे-धीरे खुलने लगी हैं।
कैसे काम करता था यह हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का खतरनाक नेटवर्क?
बिजनौर पुलिस द्वारा किए गए इस बड़े खुलासे के अनुसार, इस गैंग का तौर-तरीका बेहद शातिर और योजनाबद्ध था। गिरोह में शामिल महिलाएं सोशल मीडिया, फोन कॉल या अन्य माध्यमों से पहले शहर के रईस व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और संभ्रांत नागरिकों को निशाना बनाती थीं। जब कोई व्यक्ति उनके संपर्क में आ जाता था, तो वे उसे किसी सुनसान जगह या अपने किराए के कमरे पर मिलने के लिए बुलाती थीं। जैसे ही वह व्यक्ति वहां पहुंचता था, गिरोह के बाकी सदस्य अचानक वहां आ धमकते थे और खुद को पुलिस या पत्रकार बताकर या फिर वीडियो बनाकर माहौल को डरावना बना देते थे। इसके बाद वे उस व्यक्ति पर दुष्कर्म, पॉक्सो या छेड़छाड़ जैसे बेहद गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाते थे। अपनी इज्जत बचाने के डर से पीड़ित शख्स घबरा जाता था, और फिर शुरू होता था लाखों रुपये वसूलने का सौदा, जिसे ये शातिर ठग बिना किसी रहम के अंजाम देते थे।
कुख्यात 'बब्बू लंगड़ा' और तीन महिलाओं की गिरफ्तारी से खुला राज
इस पूरे गिरोह की कमान जिस शख्स के हाथ में थी, उसे इलाके के लोग 'बब्बू लंगड़ा' के नाम से जानते थे। बब्बू शातिर किस्म का अपराधी है जिस पर पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह पर्दे के पीछे रहकर पूरी साजिश रचता था और महिलाओं का इस्तेमाल करके लोगों को फंसाने का ब्लूप्रिंट तैयार करता था। पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग फर्जी मामलों में फंसाकर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। एसपी बिजनौर के निर्देश पर जब पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से इस मामले की गहराई से छानबीन शुरू की, तो एक के बाद एक कई कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस ने जाल बिछाकर मुख्य सरगना बब्बू लंगड़ा और उसके साथ सक्रिय रूप से काम करने वाली तीनों महिलाओं समेत कुल पांच आरोपियों को धर दबोचा। उनकी तलाशी लेने के बाद उनके पास से कई फर्जी दस्तावेज, आपत्तिजनक सामग्री और ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पीड़ितों की चुप्पी और डर का फायदा उठाते थे शातिर अपराधी
इस तरह के हनीट्रैप मामलों की सबसे बड़ी विडंबना यह होती है कि कई बार पीड़ित समाज में अपनी बदनामी और परिवार की इज्जत के डर से पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। बब्बू लंगड़ा और उसका यह गिरोह इसी बात का सबसे ज्यादा फायदा उठाता था। वे जानते थे कि यदि वे किसी बड़े आदमी या व्यापारी को फंसाएंगे, तो वह कानूनी पचड़े में पड़ने के बजाय चुपचाप पैसे देना बेहतर समझेगा। कई पीड़ितों ने अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा इन ब्लैकमेलर्स को अपनी इज्जत बचाने के खातिर दे दिया था। हालांकि, जब इन ठगों के हौंसले बहुत ज्यादा बढ़ गए और उन्होंने एक के बाद एक कई लोगों को निशाना बनाना शुरू किया, तो एक पीड़ित ने हिम्मत जुटाई और पुलिस के पास जाकर अपनी आपबीती सुनाई। इसी एक शिकायत ने इस पूरे गिरोह के साम्राज्य को मिट्टी में मिलाने का काम किया।
पुलिस की जनता से अपील, बेखौफ होकर सामने आएं पीड़ित
बिजनौर पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गैंग पिछले काफी समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और न जाने कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अभी तक कुल कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है और कितनी रकम की अवैध वसूली की है। पुलिस प्रशासन ने जनपद के सभी नागरिकों से यह अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस तरह के किसी हनीट्रैप या ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ है, तो वह बिना किसी डर या संकोच के सीधे पुलिस के पास अपनी शिकायत दर्ज कराए। पुलिस ऐसे अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियों को भी कुर्क करने की तैयारी कर रही है ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जा सके और इस तरह के घिनौने खेलों पर पूरी तरह से रोक लग सके।