UP में पत्नी व 2 पुजारियों की हत्या के बाद बेटे को मारी गोली, 7 घंटे चले ड्रामे के बाद एनकाउंटर में ढेर

UP में पत्नी व 2 पुजारियों की हत्या के बाद बेटे को मारी गोली, 7 घंटे चले ड्रामे के बाद एनकाउंटर में ढेर

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक बेहद रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक शख्स ने अंधाधुंध गोलियां बरसाकर अपनी पत्नी और दो पुजारियों को मौत के घाट उतार दिया। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सनकी आरोपी ने अपने तीन मासूम बच्चों को घर में बंधक बना लिया।

पुलिस और आरोपी के बीच करीब 7 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार मुठभेड़ के साथ खत्म हुआ। इस खूनी संघर्ष के दौरान आरोपी ने अपने सगे बेटे को भी गोली मार दी। अस्पताल ले जाने पर आरोपी और उसके बेटे दोनों ने दम तोड़ दिया, जिससे इलाके में भारी तनाव और सनसनी फैल गई है।

भाई की शांति पूजा को लेकर भड़का था अरविंद, लाइसेंसी बंदूक से बरसाईं गोलियां

दिल दहला देने वाली यह पूरी घटना आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र स्थित शंभूपुर गांव की है। मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम घर में एक धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था, जिसे अरविंद सिंह के भाई गुड्डू सिंह की आत्मा की शांति के लिए आयोजित किया गया था।

गुड्डू सिंह की करीब दो साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी अरविंद इस धार्मिक अनुष्ठान के सख्त खिलाफ था और उसने परिवार को इसे न करने की चेतावनी दी थी। शाम करीब 6 बजे जब अरविंद घर पहुंचा और पत्नी बबीता सिंह (32) को अनुष्ठान संपन्न करा रहे पुजारी महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (50) के साथ पूजा में लीन देखा, तो वह अपना आपा खो बैठा। गाली-गलौज के बाद जब पत्नी ने विरोध किया, तो उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और पत्नी सहित दोनों पुजारियों पर गोलियों की बौछार कर दी, जिससे तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

7 घंटे तक बच्चों को बनाया ढाल, पुलिस ने की सरेंडर कराने की भरपूर कोशिश

तिहरे हत्याकांड के तुरंत बाद अरविंद ने अपने तीन मासूम बच्चों को एक कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया और खुद को अंदर से लॉक कर लिया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मोर्चा संभाला। आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस टीम ने परिवार के अन्य सदस्यों की मदद से घंटों तक अरविंद से बातचीत कर उसे आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने के लिए मनाने का हरसंभव प्रयास किया। इसके उलट, सिरफिरा आरोपी पुलिसकर्मियों और परिजनों को जान से मारने और बच्चों को खत्म करने की धमकियां देता रहा। तनावपूर्ण बातचीत के बीच ही उसने कमरे के भीतर अपने ही बेटे पर गोली चला दी।

मासूम को बचाने कमरे में घुसी फोर्स, जवाबी फायरिंग में आरोपी ढेर

जैसे ही कमरे के भीतर से गोली चलने और बच्चे की चीख सुनाई दी, पुलिस जवानों ने बिना एक पल गंवाए दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस को देखते ही अरविंद ने टीम पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की बार-बार चेतावनी और हवाई फायरिंग के बावजूद वह लगातार गोलियां चलाता रहा। बंधक बने बाकी मासूमों की जान बचाने और आत्मरक्षा में पुलिस ने नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। एसएसपी अनिल कुमार ने पुष्टि की कि गोलीबारी में घायल अरविंद और उसके मासूम बेटे को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बाकी बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया है और घटनास्थल पर विधिक कार्रवाई जारी है।