अखिलेश यादव का मास्टरस्ट्रोक: यूपी चुनाव 2027 से पहले दोहराया जाएगा 36 साल पुराना इतिहास

अखिलेश यादव का मास्टरस्ट्रोक: यूपी चुनाव 2027 से पहले दोहराया जाएगा 36 साल पुराना इतिहास

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर रथ यात्रा का दौर लौटने वाला है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव साल 2027 के विधानसभा चुनाव को फतह करने के लिए एक बेहद चौंकाने वाली रणनीति पर काम कर रहे हैं।

सियासी गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, अखिलेश यादव सितंबर 2026 के पहले हफ्ते से पूरे प्रदेश में 'समाजवादी पीडीए रथ यात्रा' की शुरुआत कर सकते हैं। यह कदम उत्तर प्रदेश की राजनीति में 36 साल पुराना वो इतिहास दोहरा सकता है, जिसने सूबे की राजनीतिक दिशा और दशा को हमेशा के लिए बदल दिया था। गौर करने वाली बात यह है कि साल 1990 में 25 सितंबर को ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी चर्चित रथ यात्रा निकाली गई थी।

अयोध्या, मथुरा या काशी: कहां से सजेगा अखिलेश का रथ?

इस बार सपा की रणनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सूत्रों की मानें तो पार्टी नेतृत्व इस यात्रा की शुरुआत किसी प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल से करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। अभी अंतिम फैसले पर मंथन जारी है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है कि अखिलेश की यह रथ यात्रा अयोध्या, मथुरा या काशी में से किसी एक पवित्र नगरी से हरी झंडी दिखाकर रवाना की जा सकती है। धार्मिक प्रतीकों के सहारे आगे बढ़ने वाली भाजपा को उसी के मैदान में घेरने की यह सपा की एक सोची-समझी योजना मानी जा रही है।

चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की बड़ी घेराबंदी

जानकारों का कहना है कि किसी बड़े धार्मिक स्थल से यात्रा शुरू करके समाजवादी पार्टी सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर होगी। हाल के दिनों में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर सपा ने जिस तरह से आक्रामक रुख अपनाया है, इस यात्रा के जरिए उसे जमीन पर उतारने की तैयारी है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक इस यात्रा के सटीक रूट, तारीख और शुरुआती बिंदु को लेकर कोई भी आधिकारिक एलान नहीं किया है, लेकिन अंदरूनी स्तर पर तैयारियां काफी तेज हो चुकी हैं।

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