चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले का आरोप, अब जौनपुर में भीम आर्मी का बड़ा प्रदर्शन

चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले का आरोप, अब जौनपुर में भीम आर्मी का बड़ा प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार तथा उनके काफिले पर हमले के मामले ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर घटना के विरोध में जौनपुर जिले में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कड़ा रोष जताते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

प्रदर्शनकारियों का साफ आरोप है कि रायबरेली दौरे के दौरान चंद्रशेखर आजाद को न केवल जबरन रोकने का प्रयास किया गया, बल्कि उनके साथ बेहद अशोभनीय व्यवहार हुआ और सुनियोजित तरीके से उनके काफिले पर हमला कराया गया। इस पूरे घटनाक्रम में मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मचारियों की संदेहास्पद भूमिका की गहन जांच की मांग उठाई गई है।

सीसीटीवी, वायरलेस संदेश और ड्यूटी चार्ट सुरक्षित करने की मांग

प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए विस्तृत ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने मांग रखी है कि घटना से जुड़े तमाम तकनीकी और आधिकारिक साक्ष्यों को फौरन सुरक्षित किया जाए। इसमें मौके की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, घटना के समय की सभी वीडियो रिकॉर्डिंग, पुलिस वायरलेस पर हुए संदेशों के रिकॉर्ड और उस दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के ड्यूटी चार्ट शामिल हैं। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी प्रकार की लीपापोती से बचने के लिए इन अभिलेखों को तुरंत सील किया जाना जरूरी है, ताकि सच सामने आ सके।

दोषी पुलिसकर्मियों पर विभागीय और कानूनी शिकंजे की चेतावनी

भीम आर्मी के नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि स्वतंत्र जांच के दौरान यदि किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी द्वारा अभद्रता करने, अपने आधिकारिक अधिकारों का दुरुपयोग करने या तय नियमों का उल्लंघन करने की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ तत्काल विभागीय निलंबन के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सुरक्षा देने के बजाय खाकी की मौजूदगी में जनप्रतिनिधि के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।