फरवरी या मार्च में हो सकते हैं यूपी में विधानसभा चुनाव, सियासी गलियारों में मचा हड़कंप
करीब डेढ़ दशक बाद होने जा रही देश की जनगणना का कार्यक्रम उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों के संभावित कैलेंडर से टकराता दिखाई दे रहा है। ऐसे में जनगणना के दूसरे चरण की समय-सीमा को लेकर मंथन तेज हो गया है। माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया को चुनाव से पहले पूरा करने के लिए दूसरा चरण दिसंबर 2026 तक कराया जा सकता है।
जनगणना का पहला चरण, यानी हाउस लिस्टिंग और आवास संबंधी सर्वे, जून 2026 तक पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी, जिसमें पहली बार जातीय गणना भी शामिल होगी।
बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 में पूरी की जाएगी, जिसकी कटऑफ तिथि 1 अक्टूबर तय की गई है। जबकि अन्य राज्यों के लिए फिलहाल 1 से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का कार्यक्रम निर्धारित है और इसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 रखी गई है।
फरवरी-मार्च में यूपी चुनाव की पूरी संभावना
इसी दौरान गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च से मई 2027 के बीच समाप्त हो रहा है। ऐसे में अधिकांश राज्यों में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में कराए जाने की संभावना है। उत्तर प्रदेश का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है, लेकिन परंपरागत रूप से अन्य राज्यों के साथ चुनाव होने की संभावना को देखते हुए यहां भी फरवरी-मार्च में मतदान होने के आसार हैं।
चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया है, जबकि जनगणना कानूनी प्रक्रिया है और चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे। ऐसे में दोनों प्रक्रियाओं के एक साथ संचालन की व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए जनगणना की समय-सारिणी में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जनगणना के लिए 5.5 लाख से अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता होती है, जिनमें बड़ी संख्या में शिक्षक भी शामिल रहते हैं। यदि जनगणना चुनाव के बाद कराई जाती है, तो परीक्षाओं और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के कारण इसे पूरा करना और कठिन हो सकता है। इसी वजह से सरकार और संबंधित एजेंसियां चुनाव से पहले जनगणना का दूसरा चरण पूरा कराने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रही हैं।