प्रयागराज में STF की बड़ी कार्रवाई: ITI फाइनल परीक्षा में छापेमारी कर 5 सॉल्वर को किया गिरफ्तार, परीक्षा माफियाओं में हड़कंप!
उत्तर प्रदेश में परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने और नकल माफियाओं के खिलाफ जारी अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। संगम नगरी प्रयागराज में चल रही आईटीआई (ITI) की फाइनल परीक्षा के दौरान एसटीएफ की टीम ने एक परीक्षा केंद्र पर औचक छापेमारी (Red) की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे 5 शातिर सॉल्वर (Solver Gang) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ की इस अचानक हुई कार्रवाई से परीक्षा केंद्र और आसपास के नकल माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।
एसटीएफ को मिली थी पुख्ता इनपुट, परीक्षा केंद्र पर डाला डेरा
एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट को पिछले कुछ दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि आईटीआई की फाइनल परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलने वाला एक गैंग सक्रिय है। यह गैंग मोटी रकम लेकर असली छात्रों के स्थान पर पढ़े-लिखे स्कॉलर्स (सॉल्वर) को परीक्षा में बैठा रहा है।
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ऐसे पकड़े गए आरोपी: पुख्ता जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ के डिप्टी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने परीक्षा केंद्र की घेराबंदी की। जब परीक्षा हॉल में अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्रों (Admit Cards) और बायोमेट्रिक डेटा का मिलान किया गया, तो कूट रचित (Forged) दस्तावेजों का खुलासा हुआ। फोटो मिसमैच होने और कड़ाई से पूछताछ करने पर 5 युवकों ने कुबूल किया कि वे दूसरों की जगह परीक्षा दे रहे हैं।
फर्जी आधार कार्ड और एडमिट कार्ड बरामद
गिरफ्तार किए गए सॉल्वरों के पास से एसटीएफ ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इनके पास से:
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जाली (फर्जी) आधार कार्ड, जिसमें फोटो बदलकर सॉल्वर की लगाई गई थी।
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कूटरचित प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड)।
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कई मोबाइल फोन, जिनमें परीक्षा से जुड़े व्हाट्सएप चैट्स और पैसों के लेन-देन के डिजिटल सबूत मिले हैं।
पूछताछ में सामने आया है कि इस काम के लिए असली अभ्यर्थियों से प्रति पेपर 20,000 से 30,000 रुपये तक की डील हुई थी। सॉल्वरों को इस रकम का एक हिस्सा कमीशन के तौर पर मिलना तय हुआ था।
मुख्य सरगना की तलाश में जुटी पुलिस
पकड़े गए सॉल्वर प्रयागराज और आसपास के जिलों के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जिनमें से कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र हैं जो शॉर्टकट से पैसा कमाने के लालच में इस धंधे में उतर गए।
एसटीएफ ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्रयागराज के स्थानीय थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी (IPC/BNS की धाराएं) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है। एसटीएफ अब इस गैंग के मुख्य सरगना और उन असली अभ्यर्थियों की तलाश कर रही है जिन्होंने इन सॉल्वरों को पैसे दिए थे, ताकि इस पूरे नेक्सस को जड़ से खत्म किया जा सके।