राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! जानें कौन हैं जगदीश आफले, जिन्हें बनाया गया पहला सचिव; चंपत राय के इस्तीफे के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! जानें कौन हैं जगदीश आफले, जिन्हें बनाया गया पहला सचिव; चंपत राय के इस्तीफे के बाद मिली बड़ी जिम्मेदारी

अयोध्या के भव्य राम मंदिर प्रशासन और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल सामने आया है। राम मंदिर निर्माण के परियोजना प्रबंधक (Project Manager) रहे जगदीश आफले को ट्रस्ट का पहला सचिव नियुक्त कर दिया गया है। ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार 'सचिव' (Secretary) का यह नया पद सृजित किया गया है। हालांकि इस नियुक्ति पर औपचारिक और अंतिम मुहर 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक में लगाई जाएगी, लेकिन प्रशासनिक और वित्तीय संकट को देखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से जिम्मेदारी सौंप दी गई है।

कौन हैं जगदीश आफले? (Who is Jagdish Afale / Aphale)

जगदीश आफले मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं और उनका पूरा जीवन राष्ट्र सेवा और तकनीकी क्षेत्र को समर्पित रहा है:

  • आईआईटी (IIT) से उच्च शिक्षा: जगदीश आफले पेशे से एक बेहद योग्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी मुंबई (IIT Bombay) से बीटेक (B.Tech) और एमटेक (M.Tech) की पढ़ाई पूरी की है।

  • विदेशों में शानदार करियर: अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूरोप के कई देशों और अमेरिका की शीर्ष बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) में लंबे समय तक उच्च पदों पर सेवाएं दीं।

  • आरएसएस (RSS) से गहरा जुड़ाव: आफले बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपनी पत्नी माधुरी के साथ लगभग तीन वर्षों तक अमेरिका में आरएसएस के विस्तारक (प्रचारक) के रूप में भी कार्य किया है।

  • बिना वेतन राम मंदिर की सेवा: सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद जब वे भारत लौटे, तो राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ होने पर संघ की ओर से उन्हें अयोध्या भेजा गया। पिछले करीब साढ़े तीन-चार वर्षों से वे बिना कोई वेतन या मानदेय लिए पूरी तरह निःशुल्क परियोजना प्रबंधक (Project Manager) के रूप में राम मंदिर निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे हैं और अपनी पत्नी के साथ अयोध्या तीर्थ क्षेत्र भवन में ही रह रहे हैं।

चंपत राय के इस्तीफे के बाद क्यों पड़ी सचिव पद की जरूरत?

दरअसल, पिछले दिनों राम मंदिर में चढ़ावा और दान चोरी से जुड़े विवादों के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसके बाद भारी दबाव के बीच ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और कोषाध्यक्ष डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था, जिसे 6 जुलाई की बैठक में स्वीकार कर लिया गया था।

इन दोनों शीर्ष पदाधिकारियों के हटने से ट्रस्ट के सामने एक बड़ा वित्तीय गतिरोध पैदा हो गया। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कोई 'अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता' (Authorized Signatory) न होने के कारण बैंक खातों का संचालन रुक गया था। इसके चलते राम मंदिर में कार्यरत लगभग 1,000 कर्मचारियों के वेतन और निर्माण में लगी विभिन्न आउटसोर्सिंग एजेंसियों के करोड़ों रुपये के भुगतान लटक गए थे।

SBI में बने अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता, वित्तीय संकट खत्म

ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए करीब 5,200 आवेदन आए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली की कमेटी कर रही है। इस प्रक्रिया में लंबा समय लगने की संभावना को देखते हुए ट्रस्ट ने बीच का रास्ता निकाला और तुरंत 'सचिव' का नया पद बनाकर जगदीश आफले को नियुक्त कर दिया।

ट्रस्ट ने एक नया प्रस्ताव पारित कर जगदीश आफले को एसबीआई (SBI) खातों के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नियुक्त कर दिया है। नया प्रस्ताव मिलते ही बैंक ने खातों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया है, जिससे रुके हुए वेतन और निर्माण कार्यों के भुगतानों का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। 2 सितंबर की बैठक में उनके नाम के आधिकारिक अनुमोदन के साथ ही ट्रस्ट के नए प्रशासनिक ढांचे (प्रवक्ता और सीईओ) को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

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