बरेली वालों के लिए बड़ी राहत! 33 सड़कें होंगी चकाचक, गड्ढों से मिलेगी मुक्ति
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मानसून और बारिश के चलते गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों से परेशान जनता के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रांतीय खंड ने जिले की 33 प्रमुख सड़कों के कायाकल्प, नए निर्माण और विशेष मरम्मत के लिए करीब 87 करोड़ रुपये की वृहद कार्ययोजना को हरी झंडी दे दी है।
विभाग ने इस दिशा में तेजी दिखाते हुए ठेका आवंटित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के अंतर्गत सिर्फ पैचवर्क ही नहीं, बल्कि अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो चुके मार्गों को सिरे से दोबारा बनाया जाएगा। पीडब्ल्यूडी ने इन सभी विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2 से लेकर अधिकतम 7 महीने की समयसीमा तय की है, और टेंडर आवंटन पूरा होते ही अगले माह से जमीनी स्तर पर मशीनों की गूंज सुनाई देने लगेगी।
शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
पीडब्ल्यूडी की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें बरेली शहर के प्रमुख रिहायशी इलाकों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण संपर्क मार्गों को भी प्राथमिकता दी गई है। शहर क्षेत्र की बात करें तो सुरेश शर्मा नगर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वार से नगर निगम जोन-3 कार्यालय तक की महत्वपूर्ण सड़क के नवनिर्माण हेतु करीब 79.54 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आशुतोष सिटी से फनसिटी के पीछे पुलिया तक जाने वाले व्यस्त मार्ग के निर्माण के लिए 1.85 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। वहीं ग्रामीण अंचल में दोंद की गौटिया से रामपुर सीमा मार्ग, जरपा मोहनपुर संपर्क मार्ग, लखीमपुर-मलूकपुर मार्ग तथा परसाखेड़ा गौटिया से जवाहर नवोदय विद्यालय तक जाने वाले मार्ग को नई कार्ययोजना में शामिल कर ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी की गई है।
प्रमुख संपर्क मार्गों पर खर्च होंगे करोड़ों रुपये
परियोजना के तहत कई बड़े और व्यस्त मार्गों पर भारी बजट आवंटित किया गया है। आधिकारिक ब्योरे के अनुसार, सेंथल-जादौपुर मार्ग से पचपेड़ा नहर संपर्क मार्ग के उच्चीकरण के लिए लगभग 3.63 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसी तरह धर्मपुर से आसपुर हसनअली मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए 3.09 करोड़ रुपये और हल्दी से रामपुर सीमा को जोड़ने वाले मुख्य संपर्क मार्ग के लिए करीब 2.14 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही गायत्रीनगर की आंतरिक सड़क, जौहरपुर-सनईया रानी मेवाकुंवर मार्ग और कई अन्य प्रमुख ग्रामीण लिंक रोड्स का निर्माण भी इस 87 करोड़ के बजट में समाहित है।
गुणवत्ता पर रहेगा कड़ा पहरा, तय समय में पूरा होगा काम
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने इस संबंध में बताया कि टेंडर की कागजी और तकनीकी प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है, ताकि अगले महीने से वास्तविक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कराया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय इंजीनियरों की सीधी निगरानी में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी स्तर पर मानकों से समझौता नहीं होगा। विभाग का मुख्य लक्ष्य तय समयसीमा के भीतर सभी 33 सड़कों का निर्माण पूरा कर बरेली और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सुरक्षित व सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है।