यूपी के लिए कांग्रेस का फूलप्रूफ प्लान, प्रियंका गांधी ने संभाली कमान, बैठक में हुआ क्या?
देश के सबसे बड़े और राजनीतिक रूप से सबसे संवेदनशील राज्य उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य में अपनी जमीन को मजबूत करने के लिए एक बेहद आक्रामक और फूलप्रूफ प्लान तैयार किया है। पार्टी की फायरब्रांड नेता और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की कमान अपने हाथों में संभाल ली है। हाल ही में दिल्ली और लखनऊ के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ हुई एक उच्चस्तरीय और लंबी मैराथन बैठक में चुनावों की रणनीति, संगठन के पुनर्गठन और समाजवादी पार्टी (SP) के साथ संभावित सीट-बंटवारे के फार्मूले पर गहन मंथन किया गया है। कांग्रेस इस बार केवल एक छोटे सहयोगी दल के रूप में नहीं, बल्कि पूरी तैयारी और मजबूत आंकड़ों के साथ मैदान में उतरने का मन बना चुकी है, जिससे यूपी का सियासी पारा काफी हाई हो गया है।
प्रियंका गांधी के हाथों में कमान: यूपी के लिए कांग्रेस का नया ब्लूप्रिंट
उत्तर प्रदेश चुनाव की महत्ता को समझते हुए कांग्रेस पार्टी इस बार किसी भी तरह की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गांधी खुद उत्तर प्रदेश की चुनावी तैयारियों और बूथ स्तर की रणनीतियों की पर्सनल मॉनिटरिंग कर रही हैं। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से उन 80 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों का विशेष विश्लेषण किया गया, जहां पिछले चुनावों या लोकसभा समीकरणों के दौरान कांग्रेस का प्रदर्शन मजबूत रहा था या पार्टी दूसरे नंबर पर रही थी। प्रियंका गांधी ने साफ निर्देश दिए हैं कि राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं के पुराने नेटवर्क को फिर से सक्रिय किया जाए और जनता से जुड़े मुद्दों—जैसे बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और स्थानीय विकास—को आक्रामक तरीके से उठाया जाए।
समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग पर सबसे बड़ा मंथन
कांग्रेस की इस हाईलेवल बैठक का सबसे अहम और बड़ा एजेंडा समाजवादी पार्टी के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन और सीट-बंटवारा (Seat Sharing) रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस इस बार राज्य में 100 से 125 मजबूत सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी में है। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के तहत सीटों का बंटवारा सम्मानजनक तरीके से होना चाहिए ताकि राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कड़ी टक्कर दी जा सके। हालांकि, समाजवादी पार्टी अपने पीडीए (PDA) समीकरण और जीत की संभावनाओं के आधार पर सीटें तय करने की बात कह रही है, ऐसे में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस अपनी मजबूत सीटों पर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नजर नहीं आ रही है।
सांगठनिक बदलाव और बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने की योजना
बैठक के दौरान राज्य संगठन में फेरबदल और नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने पर भी मुहर लगाई गई है। कांग्रेस यह अच्छी तरह जानती है कि बिना मजबूत बूथ कमेटियों के चुनाव जीतना असंभव है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी मतदाताओं तक अपनी पैठ बनाने के लिए पार्टी ने युवा और महिला चेहरों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में पार्टी की कमान संभालने वाले स्थानीय नेताओं ने भी प्रियंका गांधी के सामने अपनी रिपोर्ट रखी, जिसमें यह सुझाव दिया गया कि पारंपरिक गढ़ों और शहरी सीटों पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए, जहां कांग्रेस का जनाधार हमेशा से प्रभावी रहा है।
यूपी की सियासत पर पड़ेगा कितना असर? विपक्षी खेमे में बढ़ी हलचल
कांग्रेस के इस नए और फूलप्रूफ प्लान के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों का तालमेल सही ढंग से बैठ जाता है, तो आगामी विधानसभा चुनाव त्रिकोणीय या बेहद रोमांचक मुकाबले में बदल सकता है। जहां एक तरफ सत्तारूढ़ दल अपनी योजनाओं और डबल इंजन सरकार के दम पर तैयारियों में जुटा है, वहीं कांग्रेस का यह नया प्लान विपक्षी गठबंधन को एक नई धार देने की कोशिश कर रहा है। आने वाले हफ्तों में सीट शेयरिंग को लेकर होने वाली आधिकारिक बैठकों पर हर किसी की निगाहें टिकी रहेंगी।