NDA में मची खलबली, सीट बंटवारे से पहले ही चिराग पासवान ने यूपी में फूंक दिया चुनावी बिगुल
उत्तर प्रदेश के आगामी सियासी रण को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की प्रमुख सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी सीट बंटवारे के अंतिम फैसले का इंतजार किए बिना नवंबर के पहले सप्ताह से पूरे प्रदेश में अपने चुनावी अभियान का बिगुल फूंकने जा रही है। पार्टी 'नव संकल्प सभा' के विशाल आयोजनों के जरिए राज्य की सियासत में अपनी सीधी और मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगी। उत्तर प्रदेश में चुनावी ताल ठोकने की औपचारिक घोषणा लोजपा पहले ही कर चुकी है और अब जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को लामबंद करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
पार्टी पिछले छह महीनों से उत्तर प्रदेश के हर जिले में संगठन को पुनर्जीवित करने में जुटी है। यूपी प्रभारी व सांसद अरुण भारती खुद बूथ स्तर तक संगठन का ढांचा खड़ा कर रहे हैं। युवाओं और 'जेन जी' (Gen Z) को अपने पाले में लाने के लिए पार्टी सुप्रीमो चिराग पासवान पटना की तर्ज पर प्रयागराज में 'यूथ बोले तो' जैसा बेहद सफल संवाद कार्यक्रम कर चुके हैं। युवाओं की इसी ऊर्जा को मतदान केंद्र तक पहुंचाने के लिए रणनीति तैयार की गई है। इसके साथ ही पार्टी ने सामाजिक संतुलन साधने के लिए प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन, पासी शौर्य सम्मान और चाणक्य सम्मान जैसे आयोजनों की श्रृंखला चलाई। ब्राह्मण समाज को जोड़ने के लिए 'पंडित-पासवान' का नया सामाजिक समीकरण भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश की करीब 104 विधानसभा सीटों पर पासी समाज निर्णायक भूमिका निभाता है। इनमें लखनऊ की मोहनलालगंज व मलिहाबाद, अयोध्या की सोहावल व मिल्कीपुर, अंबेडकर नगर की जलालपुर और जौनपुर की मछलीशहर जैसी प्रमुख सीटें शामिल हैं, जहां पार्टी ने आंतरिक सर्वे कराकर अपनी जमीनी पकड़ मजबूत कर ली है। चाणक्य सम्मान के जरिए ब्राह्मण समाज को उचित राजनीतिक हिस्सेदारी का भरोसा दिया गया है, जिससे सवर्ण मतदाताओं का रुझान भी लोजपा की ओर बढ़ा है।
सीट बंटवारे का इंतजार किए बिना नवंबर से 'नव संकल्प सभा' का होगा आगाज
लोजपा नेतृत्व का साफ कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार मैदान में जरूर उतरेंगे। हालांकि सीटों की अंतिम संख्या गठबंधन के तहत होने वाली औपचारिक चर्चा पर निर्भर करेगी, लेकिन एनडीए में सम्मानजनक हिस्सेदारी की पूरी उम्मीद है। सीट शेयरिंग के औपचारिक ऐलान से पहले पार्टी वाराणसी में नवंबर के पहले या दूसरे पखवाड़े में एक विशाल 'नव संकल्प सभा' आयोजित करने जा रही है, जो पूर्वांचल में पार्टी की शक्ति प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बनेगी।