किसानों को हर महीने मिलेगी 3 हजार रुपए की पेंशन, 60 की उम्र के बाद खाते में आएंगे सालाना 36,000; ऐसे करें आवेदन
उत्तर प्रदेश सहित देशभर के छोटे और सीमांत किसानों के बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सशक्त और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना' (PM-KMY) एक बेहद मददगार सामाजिक सुरक्षा योजना के रूप में सामने आई है।
इस योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पात्र किसानों को सरकार द्वारा ₹3,000 प्रति माह यानी सालाना कुल ₹36,000 की सुनिश्चित पेंशन सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है। आर्थिक तंगी के चलते वृद्धावस्था में दूसरों पर निर्भर रहने वाले अन्नदाताओं के लिए यह योजना नियमित आय का एक बड़ा और भरोसेमंद जरिया बन रही है।
किसान के बराबर केंद्र सरकार भी देगी अंशदान
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना पूरी तरह से स्वैच्छिक और अंशदान पर आधारित पेंशन योजना है। इसमें योजना से जुड़ते समय किसान की आयु के आधार पर एक निर्धारित मासिक प्रीमियम जमा करना होता है। यदि कोई किसान 18 वर्ष की आयु में योजना से जुड़ता है, तो उसे प्रति माह केवल ₹55 का मामूली अंशदान देना होता है। वहीं 40 वर्ष की आयु में शामिल होने पर अधिकतम ₹200 प्रति माह जमा करने होते हैं। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि किसान की जेब से जितना अंशदान जमा होता है, ठीक उतनी ही राशि यानी 50 प्रतिशत प्रीमियम केंद्र सरकार भी अपनी ओर से किसान के पेंशन खाते में जमा करती है।
किसान के निधन पर जीवनसाथी को मिलेगी ₹1,500 पारिवारिक पेंशन
बुढ़ापे में परिवार की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए योजना में पारिवारिक पेंशन का भी पुख्ता प्रावधान किया गया है। यदि पेंशन प्राप्त कर रहे किसान की मृत्यु हो जाती है, तो उसके जीवनसाथी (पति या पत्नी) को नियमित रूप से आधी राशि यानी ₹1,500 प्रति माह की पारिवारिक पेंशन दी जाएगी। इससे परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य के न रहने पर भी जीवनसाथी को भरण-पोषण के लिए आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
कौन से किसान हैं पात्र और किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसान की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के पास राज्य के भू-अभिलेखों के अनुसार अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) तक ही कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। वहीं कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO), कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) या राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े व्यक्ति और आयकर (Income Tax) का भुगतान करने वाले किसान इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
योजना में पंजीकरण कराने के लिए किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जा सकते हैं। आवेदन के लिए पहचान पत्र, बैंक खाता पासबुक और जमीन के मालिकाना हक से जुड़ी खतौनी जैसे मूल दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा किसान आधिकारिक डिजिटल पोर्टल पर जाकर 'सेल्फ एनरोलमेंट' (Self Enrollment) विकल्प के जरिए घर बैठे भी अपना पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। जो किसान पहले से 'पीएम किसान सम्मान निधि' का लाभ ले रहे हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया और भी आसान है—वे चाहें तो योजना का मासिक प्रीमियम सीधे सम्मान निधि की किस्तों से कटवाने का विकल्प चुन सकते हैं।