लखनऊ का जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर: 100 करोड़ से संवरेंगे बदहाल जेपीएनआईसी के दिन, 'जहां है जैसा है' पर काम शुरू
लखनऊ के पॉश इलाके गोमती नगर में स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) के दिन अब बहुरने वाले हैं। पिछले 9 वर्षों से बजट और विभिन्न अड़चनों के कारण बदहाली का दंश झेल रही इस भव्य इमारत को दोबारा जीवित करने की कवायद तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अधर में छोड़ने के बजाय 'जहाँ है जैसा है' (As is where is) के सिद्धांत पर आगे बढ़ाने जा रही है। इस बंद पड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने और इसे आम जनता के लिए क्रियाशील बनाने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का बजट खर्च किए जाने की तैयारी है।
अधूरी परियोजना को पूरा करने का नया सरकारी फॉर्मूला
लंबे समय से लटके इस प्रोजेक्ट को लेकर शासन स्तर पर एक उच्च स्तरीय बैठक में यह महत्वपूर्ण सहमति बनी है। 'जहाँ है जैसा है' के आधार पर काम शुरू करने का सीधा मतलब यह है कि निर्माण कार्य में अब किसी भी तरह का नया बदलाव या अतिरिक्त ढांचा खड़ा नहीं किया जाएगा। वर्तमान में जो निर्माण जिस स्थिति में मौजूद है, उसे उसी रूप में फिनिशिंग टच देकर तुरंत चालू करने योग्य बनाया जाएगा। इस फैसले से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परियोजना पर आने वाली अतिरिक्त लागत पर भी लगाम लगाई जा सकेगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और संबंधित विभाग इस नए खाके के तहत काम शुरू करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं।
100 करोड़ रुपये के बजट से चमकेगा JPNIC का ढांचा
इस विशाल परिसर को दोबारा व्यवस्थित करने के लिए अनुमानित 100 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा इमारत की सुरक्षा, मेंटेनेंस, अधूरे आंतरिक कार्यों, बिजली-पानी के कनेक्शनों को सुचारू करने और लंबे समय से बंद पड़े उपकरणों को दोबारा वर्किंग कंडीशन में लाने पर खर्च किया जाएगा। 9 सालों से रखरखाव न होने के कारण परिसर में जो टूट-फूट हुई है या जो सामग्रियां खराब हो चुकी हैं, उन्हें इस बजट के माध्यम से दुरुस्त किया जाएगा, ताकि लखनऊ के इस प्रमुख लैंडमार्क को एक नया जीवन मिल सके।
गोमती नगर और लखनऊ के पर्यटन को मिलेगा नया बूस्ट
गोमती नगर के मुख्य केंद्र में स्थित होने के कारण जेपीएनआईसी का दोबारा शुरू होना स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके पूरी तरह चालू होने से न केवल गोमती नगर बल्कि पूरे लखनऊ के रियल एस्टेट और स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी। कन्वेंशन सेंटर, म्यूजियम और खेल सुविधाओं से लैस इस परिसर के क्रियाशील होने से शहर में बड़े राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का रास्ता साफ होगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को सीधा फायदा पहुंचेगा। सरकार की इस पहल से क्षेत्र के स्थानीय निवासियों में भी काफी उत्साह है।