बिना शोर, बिना सायरन हुआ बड़ा एक्शन! बुलंदशहर से उठा लिया गया स्वतंत्र भारद्वाज

बिना शोर, बिना सायरन हुआ बड़ा एक्शन! बुलंदशहर से उठा लिया गया स्वतंत्र भारद्वाज

राजधानी दिल्ली के प्रमुख धरना स्थल जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे और मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। छात्रा निशु आजाद के पिता संजय आजाद के साथ कथित रूप से हाथापाई करने वाले आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है।

जांच टीम को आरोपी के उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में छिपे होने की पुख्ता सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम सादे कपड़ों में बुलंदशहर पहुंची और सटीक घेराबंदी करके उसे दबोच लिया।

फरार होने की कोशिश और बाइक से भागने की चर्चा

घटना के तुरंत बाद स्वतंत्र भारद्वाज के मौके से फरार होने की खबरें सामने आई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहनकर तेजी से बाइक से निकल भागा था। हालांकि पुलिस ने तकनीकी निगरानी और इनपुट के आधार पर पीछा करते हुए उसकी लोकेशन ट्रैक की और आखिरकार बुलंदशहर में उसे धर दबोचा।

पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर गरमाया माहौल

संजय आजाद के साथ हुई इस मारपीट के विरोध में शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने के बाहर दिनभर भारी गहमागहमी और तनाव का माहौल देखा गया। न्याय की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद, पीड़िता निशु आजाद, उनके पिता संजय आजाद, सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास, आशुतोष रांका और लीगल काउंसल ऋषभ रंजन मौके पर पहुंचे। इन सभी ने थाने के बाहर मीडिया को संबोधित किया और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का पूरा ब्योरा साझा करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

रेप की धमकियों का गंभीर आरोप और पुलिस में शिकायत

सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद ने मामले में बेहद संगीन खुलासे किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से आरोपी के समर्थक उन्हें सोशल मीडिया और फोन पर गालियां दे रहे थे तथा जान से मारने और रेप की धमकियां दे रहे थे। निशु ने स्पष्ट किया कि इन धमकियों को लेकर वह पहले ही संबंधित थाने में औपचारिक एफआईआर दर्ज करवा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मारपीट की ताजा घटना की लिखित शिकायत भी पुलिस को सौंप दी गई है और उन्हें भरोसा है कि प्रशासन आरोपियों और उनके समर्थकों पर कड़ा कानूनी शिकंजा कसेगा।