यूपी चुनाव 2027 के लिए मायावती ने आकाश आनंद को सौंपी जिम्मेदारी, 10 अगस्त को हाथरस से करेंगे अभियान की शुरुआत
उत्तर प्रदेश के आगामी सियासी रण को साधने के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने उत्तराधिकारी एवं राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए चुनावी मैदान में उतार दिया है। पार्टी की रणनीति के तहत आकाश आनंद आगामी 10 अगस्त से उत्तर प्रदेश में बसपा के विधानसभा चुनाव 2027 के अभियान का आधिकारिक आगाज करने जा रहे हैं।
हाथरस से होगा चुनावी शंखनाद, सादाबाद सीट पर बड़ा ऐलान
बहुजन समाज पार्टी की योजना के मुताबिक, आकाश आनंद 10 अगस्त को हाथरस जिले की सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम के दौरान वह न केवल पार्टी के चुनाव अभियान का बिगुल फूकेंगे, बल्कि सादाबाद सीट से बसपा उम्मीदवार अविन शर्मा के नाम की आधिकारिक घोषणा भी करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी इस बार पारंपरिक कैडर वोटों के साथ-साथ 'सर्वसमाज' को साधने की रणनीति के तहत जनसभाओं के मंच से ही सीधे उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने की अनोखी शुरुआत कर रही है।
जेवर में भी होगा कार्यक्रम, 75 जिलों में रैलियों का प्लान
हाथरस के बाद आकाश आनंद के दौरों की एक लंबी श्रृंखला तैयार की गई है। सूत्रों के मुताबिक, हाथरस के बाद उनका अगला बड़ा कार्यक्रम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा के जेवर विधानसभा क्षेत्र में तय किया गया है, जहां वे 25 अगस्त को एक बड़े कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे और जेवर सीट से भी उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकते हैं। पार्टी की योजना आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में आकाश आनंद की जनसभाएं और कैडर बैठकें आयोजित करने की है, ताकि युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं में नए सिरे से जोश भरा जा सके।
बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर
लोकसभा चुनाव के बाद से संगठनात्मक फेरबदल और आंतरिक समीक्षा में जुटी मायावती ने अब पूरी ताकत आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव पर झोंक दी है। बसपा ने हाल ही में कई विधानसभा सीटों के लिए अपने प्रत्याशियों के नाम तय करने शुरू कर दिए हैं। पार्टी का मुख्य फोकस मंडलीय बैठकों और बूथ स्तर की कमेटियों को पुनर्गठित कर मजबूत करने पर है। आकाश आनंद के मैदान में उतरने से पार्टी के युवा विंग और दलित-पिछड़े के साथ-साथ सर्वसमाज के समीकरणों को कितना बल मिलता है, इस पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।