बारिश के बीच भरभराकर गिरा कच्चा मकान: मलबे में दबकर महिला वकील और मां की दर्दनाक मौत, मचा कोहराम

बारिश के बीच भरभराकर गिरा कच्चा मकान: मलबे में दबकर महिला वकील और मां की दर्दनाक मौत, मचा कोहराम

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां लगातार हो रही बारिश के बीच एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर जमींदोज हो गया। इस हृदयविदारक घटना में मकान के मलबे के नीचे दबने से अंदर सो रहीं 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उनकी 28 वर्षीय अधिवक्ता बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों में चीख-पुकार मची हुई है।

देर रात तेज धमाके के साथ गिरा पुश्तैनी मकान

हादसा मैथा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नवल गांव में शनिवार और रविवार की दरमियानी रात पेश आया। उस समय घर के अंदर 75 वर्षीय शांति देवी और उनकी 28 वर्षीय पुत्री शालू गहरी नींद में सो रही थीं। अचानक सीलन और भारी बारिश के चलते पुराना कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। ग्रामीणों के मुताबिक, देर रात सन्नाटे में मकान गिरने का जोरदार धमाका सुनकर आसपास के लोग सहम गए और तत्काल शालू के घर की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत पुलिस को सूचना दी और खुद ही फावड़े व हाथों से मलबा हटाकर बचाव कार्य में जुट गए।

मां-बेटी ने मलबे के नीचे ही तोड़ा दम

शिवली कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से भारी मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दम घुटने व गंभीर चोटों के कारण दोनों ने मलबे के नीचे ही दम तोड़ दिया था। पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका शालू पेशे से वकालत करती थीं और स्थानीय न्यायालय में अधिवक्ता थीं।

भाई का प्रधान पर लापरवाही का आरोप, वसीयत के पहलू पर भी पुलिस की नजर

पारिवारिक जानकारी के अनुसार, शालू अपनी बुजुर्ग मां शांति देवी की देखभाल के लिए इसी पुश्तैनी कच्चे मकान में उनके साथ रह रही थीं, जबकि उनके दो अन्य भाई अलग-अलग मकानों में निवास करते हैं। घटना के समय मृतका के भाई राजेश किसी कार्यवश रायबरेली में मौजूद थे। राजेश ने स्थानीय ग्राम प्रधान और प्रशासन पर गंभीर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि जर्जर हो चुके इस कच्चे मकान को लेकर पूर्व में कई बार शिकायत की गई थी और पक्के आवास की गुहार लगाई गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।

वहीं, घटनाक्रम के बीच ग्रामीणों और परिजनों के जरिए यह बात भी सामने आई कि शालू ने पिता के निधन से पूर्व पैतृक जमीन की वसीयत अपने नाम करा ली थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक बारिश के कारण मकान ढहने की इस दुर्घटना का जमीन की वसीयत से कोई प्रत्यक्ष संबंध होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिवली पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू, तकनीकी कारणों और आरोपों को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष व विस्तृत जांच कर रहे हैं।