यूपी के सरकारी कर्मियों के लिए नया फरमान: 25 सितंबर शाम 4 बजे पूरे करने होंगे 2 अनिवार्य कोर्स, बैठकों पर लगी रोक
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता और प्रशासनिक क्षमता को बढ़ाने के लिए एक सख्त और नया दिशा-निर्देश जारी किया है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'मिशन कर्मयोगी' (iGOT Karmayogi) के अंतर्गत प्रदेश के समस्त विभागों में कार्यरत कार्मिकों को आगामी 25 सितंबर को दो विशेष रूप से निर्धारित प्रशिक्षण कोर्स अनिवार्य रूप से पूरे करने होंगे। प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागाध्यक्षों और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने-अपने विभागों में प्रत्येक कर्मचारी की समयबद्ध भागीदारी सुनिश्चित कराएं ताकि कोई भी कार्मिक इस प्रशिक्षण से वंचित न रहे।
25 सितंबर को शाम 4 बजे का समय तय, अन्य सभी बैठकों पर पूर्ण रोक
शासन द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देश के अनुसार, 25 सितंबर को शाम ठीक 4 बजे कर्मचारियों को दोनों निर्धारित ऑनलाइन कोर्स पूरे कराने की विशेष व्यवस्था की जाएगी। सरकार ने आदेश में इस बात पर विशेष बल दिया है कि इस निर्धारित समय के दौरान किसी भी सरकारी विभाग, निदेशालय या क्षेत्रीय कार्यालय में कोई अन्य आधिकारिक बैठक या समीक्षा सत्र आयोजित नहीं किया जाएगा। बैठकों पर यह अस्थाई रोक इसलिए लगाई गई है ताकि सभी कर्मचारी बिना किसी व्यवधान के निर्धारित प्रशिक्षण मॉड्यूल पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें और समय सीमा के भीतर कोर्स को पूरा कर सकें।
10 सितंबर को भी जारी हुए थे निर्देश, 'रूपाम' को भेजनी होगी रिपोर्ट
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के इस अभियान के तहत इससे पूर्व 10 सितंबर को भी सभी विभागों को मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत दो कोर्स अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के आदेश दिए गए थे। इसके साथ ही प्रत्येक विभाग को अपने कार्मिकों के कोर्स कंप्लीशन का संपूर्ण डेटा और प्रगति रिपोर्ट डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) को आधिकारिक ईमेल के माध्यम से अनिवार्य रूप से प्रेषित करने का निर्देश दिया गया था। शासन स्तर से इस पूरी प्रक्रिया की नियमित और सघन मॉनिटरिंग की जा रही है।
8.02 लाख कोर्स हुए पूरे, लेकिन निष्क्रिय यूजर्स पर शासन की नजर
सख्त निर्देशों और निरंतर निगरानी का असर भी आंकड़ों में साफ दिखने लगा है। आदेश लागू होने के बाद 11 सितंबर तक मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर सक्रिय रूप से जुड़ने वाले कर्मचारियों की संख्या में 889 का इजाफा हुआ, वहीं पूरे किए गए कुल कोर्स की संख्या में लगभग 8.02 लाख की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई है कि विभिन्न विभागों में अभी भी कई ऐसे 'निष्क्रिय यूजर' (इनेक्टिव यूजर्स) मौजूद हैं, जिन्होंने पोर्टल पर पंजीकरण के बाद अब तक एक भी कोर्स पूरा नहीं किया है। शासन ने ऐसे निष्क्रिय कार्मिकों को चिन्हित कर उनसे त्वरित कोर्स पूरा कराने को कहा है।