मुरादाबाद में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए QR कोड व्यवस्था लागू, भोजन की शुद्धता पर भी रहेगी नजर

मुरादाबाद में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए QR कोड व्यवस्था लागू, भोजन की शुद्धता पर भी रहेगी नजर

श्रावण मास (सावन) की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अपनी पूरी भव्यता के साथ आगे बढ़ रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख केंद्र मुरादाबाद में इस बार कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर प्रशासन ने एक बेहद आधुनिक और हाईटेक मॉडल अपनाया है। कांवड़ मार्ग पर शिव भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहां मुरादाबाद पुलिस ने डिजिटल QR कोड और विशेष सुरक्षा ऐप की व्यवस्था लागू की है, वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग (FSDA) भोजन की शुद्धता और स्वच्छता को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है।

इस डिजिटल और प्रशासनिक चौकसी का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और मिलावट-मुक्त बनाना है।

1. सुरक्षा का डिजिटल कवच: QR कोड और 'कांवड़ मोबाइल' ऐप

मुरादाबाद पुलिस ने कांवड़ यात्रियों की लाइव लोकेशन ट्रेस करने और आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए एक अनूठी डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया है:

  • स्कैन करते ही डाउनलोड होगा ऐप: कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह यात्रियों को QR कोड युक्त विशेष कार्ड दिए जा रहे हैं। इस QR कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही एक विशेष सुरक्षा ऐप डाउनलोड हो जाता है, जिसमें यात्री अपना नाम, पता और आपातकालीन नंबर दर्ज कर सकते हैं।

  • लोकेशन ट्रैकिंग और SOS सिस्टम: इस ऐप के जरिए पुलिस कंट्रोल रूम सीधे कांवड़ियों की सुरक्षा पर नजर रखेगा। ऐप में 'कुशलता' और 'परेशानी' के दो बड़े विकल्प दिए गए हैं। यदि कोई कांवड़िया किसी मुसीबत में पड़ता है या रास्ता भटकता है, तो 'परेशानी' विकल्प पर क्लिक करते ही उसकी सटीक जीपीएस (GPS) लोकेशन तुरंत नजदीकी पुलिस रिस्पॉन्स टीम के पास पहुंच जाएगी।

  • तेंदुओं और हादसों से सुरक्षा के लिए 'कांवड़ मोबाइल': इसके अतिरिक्त, पुलिस ने हाईवे पर विशेष 'कांवड़ मोबाइल' गाड़ियां तैनात की हैं, जो ड्रैगन लाइटों और लाउडस्पीकर से लैस हैं। ये रात के समय कांवड़ियों को जंगली जानवरों (जैसे तेंदुए) के खतरों से आगाह करेंगी और वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित रखेंगी।

2. भोजन की शुद्धता पर सख्त पहरा: ढाबों और भंडारों की जांच

कांवड़ मार्ग पर शिव भक्तों की सेहत से खिलवाड़ न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने मुरादाबाद और आसपास के हाईवे पर विशेष अभियान चलाया है:

  • लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी होटलों, रेस्टोरेंट्स और अस्थायी ढाबों के लिए खाद्य सुरक्षा लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन का प्रमाणपत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।

  • भोजन और पानी की सैंपलिंग: मोबाइल टेस्टिंग लैब्स के जरिए भंडारों में बनने वाले प्रसाद और ढाबों के भोजन व शुद्ध पेयजल की औचक जांच की जा रही है। खाद्य तेलों और मसालों में मिलावट पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

  • फीडबैक और पारदर्शिता: सुप्रीम कोर्ट के हालिया वैधानिक निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने दुकानदारों के लिए पारदर्शिता और स्वच्छता के कड़े नियम लागू किए हैं, जिससे कांवड़िए निश्चिंत होकर सात्विक भोजन ग्रहण कर सकें।

श्रद्धालुओं के लिए हेल्पलाइन और रूट डायवर्जन

मुरादाबाद जिला प्रशासन ने कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों और बसों के लिए विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान भी जारी किया है, ताकि पैदल चल रहे शिव भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जगह-जगह चिकित्सा शिविर और पेयजल बूथ बनाए गए हैं। पुलिस ने कांवड़ियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने मोबाइल की लोकेशन ऑन रखें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति को देखने पर तुरंत ऐप या 112 हेल्पलाइन पर सूचित करें।

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