दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुई सनसनीखेज वारदात और यात्रियों में खौफ
देश की राजधानी दिल्ली को उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और ऐतिहासिक शहर मेरठ से जोड़ने वाला दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (Delhi-Meerut Expressway) हमेशा से अपनी हाई-स्पीड ट्रैफिक और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए जाना जाता है। लेकिन इस व्यस्त और हाई-प्रोफाइल एक्सप्रेसवे पर हाल ही में जो सनसनीखेज घटना घटित हुई है, उसने एक बार फिर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। चलती हुई गाड़ियों पर इस प्रकार के अचानक हुए अंधाधुंध हमलों ने न केवल दैनिक यात्रियों और ड्राइवरों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब लोग अपने काम से लौट रहे थे या सफर कर रहे थे, तब अचानक हुए इस सशस्त्र हमले ने कुछ ही पलों में पूरे इलाके को दहशत के साये में ला खड़ा किया। इस प्रकार की घटनाएं इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि अपराधी अब कानून के खौफ से पूरी तरह बेपरवाह होकर किस तरह दुस्साहसिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
चलती बस को निशाना बनाकर की गई ताबड़तोड़ फायरिंग का पूरा घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय एक यात्रियों से भरी बस दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से गुजर रही थी। बस अपनी सामान्य गति से चल रही थी कि अचानक रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उसे घेर लिया और किसी पुरानी रंजिश या लूटपाट के इरादे से ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। चूँकि हमलावर स्कूटी पर सवार होकर आए थे, इसलिए उन्होंने ट्रैफिक के बीच तेजी से आगे निकलकर बस के ठीक सामने अपनी गाड़ी रोकी और खिड़कियों व टायरों को निशाना बनाकर गोलियां दाग दीं। इस अचानक हुए जानलेवा हमले से बस के भीतर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सीटों के नीचे छिपने लगे। गोलियों की आवाज से एक्सप्रेसवे पर कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हमलावरों ने अपनी नापाक करतूत को अंजाम देने के बाद मौके का फायदा उठाया और स्कूटी पर सवार होकर पलक झपकते ही वहां से फरार हो गए।
हमले में दो लोग गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
इस खौफनाक और अचानक हुए फायरिंग के हादसे में बस के अंदर मौजूद दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत खून से लथपथ हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक व्यक्ति बस का चालक या सह-चालक हो सकता है जबकि दूसरा कोई यात्री बताया जा रहा है, जिन्हें गोलियों के छर्रे या सीधी गोली लगने से गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, दोनों घायलों का इलाज बेहद सावधानी से किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस प्रकार की हिंसक वारदात में जब आम नागरिक या यात्री निशाना बनते हैं, तो यह समाज में फैल रहे अराजकता के माहौल को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया।
पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश और स्कूटी सवार हमलावरों की तलाश जारी
वारदात की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने मिलकर हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि उन स्कूटी सवार बदमाशों के रूट और उनके वाहन के नंबर का सुराग लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का यह दावा है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपियों को जल्द ही कानून के शिकंजे में कस लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से एक्सप्रेसवे पर पुलिस गश्त (Police Patrolling) को भी काफी बढ़ा दिया गया है ताकि रात के समय सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षा का अहसास कराया जा सके और इस तरह के असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके।