घंटों का सफर अब मिनटों में! बिहार से यूपी के बीच बनने जा रहा है ये धांसू फोरलेन, जाम को कहें हमेशा के लिए अलविदा
बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। दोनों राज्यों के बीच रोज आने-जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों को अब जल्द ही भीषण जाम और संकरी सड़कों से मुक्ति मिलने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने आरा से बैरिया होते हुए बलिया तक बनने वाले नए फोरलेन हाईवे प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 1,564.19 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इस आधुनिक सड़क के बन जाने से दोनों प्रदेशों के बीच का सफर न सिर्फ काफी कम समय में पूरा होगा बल्कि यात्रा भी बेहद सुरक्षित हो जाएगी।
चार साल में बनकर तैयार होगा यह नया इकोनॉमिक कॉरिडोर
सड़क निर्माण के तकनीकी पक्ष की बात करें तो इस पूरे प्रोजेक्ट को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी मॉडल के आधार पर तैयार किया जाएगा। इस विशेष मॉडल के तहत टेंडर पाने वाली निर्माण कंपनी पर ही सड़क की पूरी रूपरेखा तैयार करने से लेकर उसे बनाने तक की पूरी जवाबदेही होगी। सरकार ने इस काम को पूरा करने के लिए चार वर्ष की समयसीमा तय की है। सड़क बनने के बाद भी जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए अगले पांच वर्षों तक हाईवे की देखरेख और मरम्मत का जिम्मा भी इसी कार्यदायी संस्था के पास रहेगा।
अगस्त महीने में खुलेगी निविदा और तय होगी निर्माण कंपनी
एनएचएआई की तरफ से इस बड़े प्रोजेक्ट को लेकर आधिकारिक तौर पर सूचना जारी कर दी गई है। आने वाली 20 अगस्त को प्राप्त हुए सभी टेंडरों की तकनीकी और वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी जिसके बाद सबसे बेहतर कंपनी का चुनाव कर उसे काम सौंप दिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि निर्माण एजेंसी का चयन होते ही बिना किसी देरी के जमीनी स्तर पर काम शुरू करा दिया जाए ताकि तय समय के भीतर दोनों राज्यों की जनता को इस आधुनिक मार्ग का लाभ मिलना शुरू हो सके।
जाम के झंझट से मुक्ति और गंगा पर बनेगा नया पुल
अभी के समय में आरा से बलिया के बीच यात्रा करने वाले आम लोगों और ट्रक चालकों को कई जगहों पर संकरे रास्तों की वजह से घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। नया फोरलेन बनने के बाद निजी गाड़ियां और मालवाहक वाहन बिना किसी रुकावट के तेज रफ्तार से आ-जा सकेंगे। इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे खास हिस्सा गंगा नदी पर बनने वाला एक विशाल नया पुल है। यह नया पक्का पुल वर्तमान के पीपा पुल के विकल्प के तौर पर काम करेगा जिससे अब बरसात के दिनों में भी दोनों राज्यों का संपर्क आपस में नहीं टूटेगा। इसके साथ ही रूट पर जरूरी जगहों पर बाईपास और ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे ताकि भारी वाहन शहरों के अंदर घुसे बिना सीधे बाहर निकल जाएं।