पहला करवा चौथ भी नसीब नहीं हुआ, शादी के 80 दिन बाद पत्नी का कत्ल करने वाले हैवान पति को उम्रकैद

पहला करवा चौथ भी नसीब नहीं हुआ, शादी के 80 दिन बाद पत्नी का कत्ल करने वाले हैवान पति को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में दहेज हत्या के एक रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले में न्याय की जीत हुई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के विशेष न्यायाधीश अजय सिंह की अदालत ने अतिरिक्त दहेज में 7 लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर शादी के महज 80 दिन बाद ही पत्नी को मौत के घाट उतारने वाले दोषी पति रितेश कुमार को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 12 हजार रुपये का आर्थिक अर्थदंड भी लगाया है।

अदालत ने अपने फैसले में बेहद भावुक और सख्त टिप्पणी करते हुए रेखांकित किया कि मृतका को विवाह के बाद अपना पहला करवा चौथ तक नसीब नहीं होने दिया गया, जो इस अपराध की निर्ममता और गंभीरता को दर्शाता है।

शादी के कुछ ही हफ्तों बाद शुरू हुआ प्रताड़ना का सिलसिला

शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह के अनुसार, यह दर्दनाक घटना हथगाम थाना क्षेत्र की है। चकसाहब फिरोजपुर गांव की निवासी फूलकली ने अपनी बेटी मधु देवी का विवाह 9 मई 2022 को गाजीपुर थाना क्षेत्र के गदरियापुर निवासी रितेश कुमार के साथ धूमधाम से किया था। विदाई के तुरंत बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग मायके से अतिरिक्त 7 लाख रुपये नकद लाने का दबाव बनाने लगे। मांग पूरी न होने पर नवविवाहिता को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा, जिसकी परिणति 28 जुलाई 2022 को खौफनाक वारदात के रूप में सामने आई।

फंदे पर लटका मिला था शव, शासकीय अधिवक्ता की मजबूत दलीलों पर फैसला

28 जुलाई 2022 को ससुराल वालों ने मधु की बेरहमी से पिटाई की और फिर उसे फांसी के फंदे पर लटका कर मार डाला। मृतका की मां की तहरीर पर पति रितेश, सास गुड़िया, ससुर गंगाचरण, देवर राहुल तथा ननद अशिखा व कोमल के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने सिर्फ पति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि बाकी लोगों को अदालत द्वारा तलब किए जाने पर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि हिंदू परंपरा में हर नवविवाहिता पति की दीर्घायु के लिए पहले करवा चौथ का बेसब्री से इंतजार करती है, लेकिन जिस पति की लंबी उम्र की उसे कामना करनी थी, उसी ने उसकी सांसें छीन लीं। अदालत ने इस दलील को आधार बनाते हुए अपराध को अत्यंत जघन्य माना और दोषी पति को सलाखों के पीछे भेज दिया।