योगी-अखिलेश में कौन बनेगा CM, Opinion Poll ने खोला राज
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के चुनावी गलियारों में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने लगी है। इस सियासी गहमागहमी के बीच रिसर्च एजेंसी 'Vote Vibe' के 25 अगस्त 2026 को जारी ताजा ओपिनियन पोल ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है।
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक जहां वोट शेयर के मोर्चे पर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) बढ़त बनाए हुए है, वहीं जीत की धारणा और मुख्यमंत्री की पसंद को लेकर जनता की राय ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
वोट शेयर में एनडीए को बढ़त, सपा गठबंधन दे रहा कड़ी टक्कर
ग्राउंड पर वोटर्स की पहली पसंद को परखने के लिए किए गए सर्वे में 41.8 फीसदी मतदाताओं ने एनडीए के पक्ष में अपना समर्थन जताया। इसके ठीक पीछे समाजवादी पार्टी (SP) के नेतृत्व वाले गठबंधन को 38.7 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद बताया। इस तरह वोटिंग प्रेफरेंस में एनडीए को सपा गठबंधन पर 3.1 फीसदी की अहम बढ़त मिलती दिख रही है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) 5.2 फीसदी वोटर्स के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि 4 फीसदी लोगों ने अन्य क्षेत्रीय दलों को चुना। वहीं, करीब 10.3 फीसदी मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं और वे अनिर्णायक स्थिति में हैं।
जीत की संभावना में 0.1% का फासला: जमीन पर कांटे का मुकाबला
जब सर्वे में जनता से सीधा सवाल किया गया कि 2027 के महासमर में सरकार बनाने का दम कौन रखता है, तो सियासी समीकरण पूरी तरह पलटते नजर आए। आंकड़ों के मुताबिक, 41.2 फीसदी लोगों का मानना है कि अखिलेश यादव की अगुवाई वाला गठबंधन बाजी मार सकता है, जबकि 41.1 फीसदी लोगों ने एनडीए की जीत की उम्मीद जताई। दोनों मुख्य खेमों के बीच महज 0.1 प्रतिशत का बेहद मामूली अंतर यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश की जनता के जेहन में चुनावी परिणाम को लेकर जबर्दस्त रस्साकशी चल रही है।
सीएम की रेस में योगी आदित्यनाथ का दबदबा, अखिलेश दूसरे नंबर पर
उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर जनता की राय काफी स्पष्ट दिखाई दी। सीएम योगी आदित्यनाथ 43.4 फीसदी के भारी समर्थन के साथ प्रदेश की पहली पसंद बने हुए हैं। उनके मुख्य सियासी प्रतिद्वंद्वी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को 35.5 फीसदी लोगों का समर्थन हासिल हुआ। बसपा सुप्रीमो मायावती 5.9 फीसदी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी 3 फीसदी वोटर्स की पसंद बनकर उभरीं।
तय वोटर्स और साइलेंट वोटर का रुख तय करेगा भविष्य
सर्वे में शामिल 64.4 फीसदी मतदाताओं ने पुष्टि की कि वे पूरी तरह से मन बना चुके हैं कि वोट किसे देना है। हालांकि, करीब एक-तिहाई मतदाताओं का अभी तय न कर पाना या चुप्पी साधना किसी भी दल के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। यह ओपिनियन पोल साफ इशारा करता है कि वोटर्स की पसंद में एनडीए आगे है और मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ पहली पसंद हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जीत की धारणा में सपा गठबंधन बराबरी पर खड़ा है। आगामी महीनों में टिकट वितरण, स्थानीय मुद्दे, जातीय समीकरण, नए गठबंधन और वोटिंग प्रतिशत जैसे जमीनी कारक ही 2027 के अंतिम नतीजों की असली दिशा तय करेंगे।