युवराज मेहता केस: 12 बड़े अफसरों पर गिरी गाज, खौफनाक बेसमेंट को मलबे से पाटना शुरू

युवराज मेहता केस: 12 बड़े अफसरों पर गिरी गाज, खौफनाक बेसमेंट को मलबे से पाटना शुरू

राजधानी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। होनहार इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 12 जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं दूसरी ओर, जिस जानलेवा बेसमेंट के कारण यह पूरी त्रासदी हुई, उसे हमेशा के लिए बंद करने के उद्देश्य से मलबे से भरने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।

कैसे हुआ था यह दर्दनाक हादसा

शुरुआती जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। बारिश के पानी के सही निकास न होने और बेसमेंट में भारी लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जिसने एक उभरते हुए युवा इंजीनियर की जान ले ली। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अवैध और खतरनाक निर्माण की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी थी, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही की वजह से अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे।

इन 12 अधिकारियों पर गिरी गाज

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्रियों की उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। सस्पेंड किए गए 12 अधिकारियों में नगर निगम के तीन अधिशासी अभियंता (XEN), चार सहायक अभियंता (AEN) और पांच जूनियर इंजीनियर (JEN) शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच के साथ-साथ आपराधिक लापरवाही का मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी दे दिए गए हैं।

मौत के बेसमेंट को भरने का काम शुरू

भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए प्रशासन ने उस विवादित बेसमेंट को पूरी तरह से मलबे और कंक्रीट से पाटना शुरू कर दिया है। भारी जेसीबी मशीनों और डंपरों की मदद से मौके पर काम चल रहा है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को बैरिकेड कर दिया है ताकि जांच और बेसमेंट भरने के काम में कोई बाधा न आए।

जनता में भारी आक्रोश और इंसाफ की मांग

युवराज मेहता की असमय मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोग पीड़ित परिवार के लिए सख्त से सख्त इंसाफ की मांग कर रहे हैं। हालांकि 12 अधिकारियों पर हुई इस त्वरित कार्रवाई को लोग सही कदम मान रहे हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक इन दोषियों को जेल की सजा नहीं होती, तब तक युवराज को सच्चा न्याय नहीं मिलेगा।

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