हरिद्वार में दौड़ेंगी 37 ई-बसें, 10 मिनट में मिलेगी बस, जानें पूरा रूट और किराए से जुड़ा अपडेट
धर्मनगरी हरिद्वार में शहरी व तीर्थ यातायात को पर्यावरण अनुकूल और सुगम बनाने के लिए 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना' के धरातल पर उतरने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। योजना के तहत हरिद्वार शहर को आवंटित कुल 37 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों के शीघ्र संचालन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
शुक्रवार को सीसीआर भवन सभागार में मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बसों के संचालन, प्रस्तावित रूटों, डिपो निर्माण और चार्जिंग बुनियादी ढांचे की विस्तृत समीक्षा की गई।
स्मार्ट सिटी मॉडल: 30 सीटर वातानुकूलित बसें और 15 किमी का सर्कुलर रूट
समीक्षा बैठक में एआरटीओ (प्रशासन) निखिल शर्मा ने विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए योजना की रूपरेखा साझा की। हरिद्वार शहर को आवंटित सभी 37 बसें 9 मीटर लंबी, 30 सीटों वाली और पूरी तरह वातानुकूलित (AC) होंगी। स्मार्ट सिटी मॉडल के तहत इन बसों को शहर के लगभग 15 किलोमीटर लंबे मुख्य केंद्रीय क्षेत्र में एक निरंतर सर्कुलर रूट और 7 प्रमुख फीडर रूटों पर चलाया जाएगा। इस एकीकृत नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निवासियों, औद्योगिक श्रमिकों और बाहर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन, सिडकुल और प्रमुख गंगा घाटों से सीधा जोड़ना है।
सर्कुलर रूट का पूरा खाका और प्रमुख स्टॉपेज
प्रस्तावित योजना के अनुसार, मुख्य 15 किलोमीटर का सर्कुलर रूट हरिद्वार रेलवे स्टेशन से प्रारंभ होगा। यहां से बसें ऋषिकुल, चंद्राचार्य चौक, भगत सिंह चौक, बीएचईएल सेक्टर-2 बैरियर, ज्वालापुर, दुर्गा चौक, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार, डामकोठी और तुलसी चौक होते हुए पुनः हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर आकर अपनी यात्रा पूरी करेंगी। इसके अतिरिक्त 7 फीडर मार्गों के माध्यम से रोशनाबाद-पेंटागन मॉल-शिवालिक नगर, पतंजलि-जटवाड़ा पुल-दुर्गा चौक, बहादराबाद, धनपुरा-जगजीतपुर-सिंहद्वार, शांतिकुंज और लालढांग जैसे दूरस्थ व उपनगरीय अंचलों को सीधे मुख्य शहर से जोड़ा जाएगा।
10 मिनट के अंतराल पर मिलेगी बस, कनखल और सप्तऋषि भी जुड़े
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का दायरा और व्यापक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को रूट चार्ट का पुनर्गठन करते हुए कनखल चौक, पुराना आरटीओ कार्यालय और सप्तऋषि क्षेत्र को भी ई-बस रूट में अनिवार्य रूप से शामिल करने का आदेश दिया।
शुरुआती चरण में सर्कुलर मार्ग के साथ रोशनाबाद (कलेक्ट्रेट), बहादराबाद और पतंजलि कॉरिडोर पर बसों की फ्रीक्वेंसी सबसे अधिक रखी जाएगी, जहां यात्रियों को प्रत्येक 10 मिनट के प्रतीक्षा समय में बस उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए तय रूटों पर नए आधुनिक बस शेल्टर बनाए जाएंगे और चार्जिंग स्टेशन व बस डिपो का काम समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।