एक ही आदमी 6 लोगों का पिता, पिथौरागढ़ में वोटर डेटा की ऐसी धांधली देखकर चकरा जाएगा माथा!

एक ही आदमी 6 लोगों का पिता, पिथौरागढ़ में वोटर डेटा की ऐसी धांधली देखकर चकरा जाएगा माथा!

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में निर्वाचन आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बड़ी संख्या में जारी किए गए नोटिसों ने आम मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। जिले में डेटा मिलान के दौरान 89 हजार से अधिक लोगों के रिकॉर्ड में विसंगतियां मिलने के बाद उन्हें सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी उन महिलाओं को हो रही है, जिनका विवाह के बाद उपनाम यानी सरनेम बदल गया। पुराने मतदाता रिकॉर्ड और नए डिजिटल डेटा के मिलान में सरनेम अलग मिलने के कारण कई नाम संदेह की श्रेणी में पहुंच गए।

शादी के बाद बदला सरनेम, सिस्टम ने माना रिकॉर्ड में अंतर

निर्वाचन विभाग के अनुसार, साल 2003 की मतदाता सूची में कई महिलाओं के नाम उनके पिता के उपनाम के साथ दर्ज थे। विवाह के बाद जब उन्होंने पति का सरनेम अपना लिया तो वर्तमान रिकॉर्ड में बदलाव आ गया।

SIR अभियान के तहत जब पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल डेटा से मिलाया गया तो नाम, जन्मतिथि और सरनेम में अंतर सामने आया। इसी वजह से कई मतदाताओं को सत्यापन के लिए नोटिस भेजे गए।

विभागीय जानकारी के अनुसार, नाम और जन्मतिथि में अंतर के कारण करीब 70 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, करीब 19 हजार मतदाताओं को मैपिंग से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण नोटिस मिला है।

नोटिस को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को SIR नोटिस मिला है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखना होगा।

मतदाताओं को बीएलओ या संबंधित तहसील कार्यालय में पहुंचकर जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समय में सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।

मतदाता सूची से नाम हटने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति आगामी चुनावों में मतदान के अधिकार से वंचित हो सकता है और उसका वोटर आईडी भी निष्क्रिय हो सकता है।

एक व्यक्ति को 6 लोगों ने बताया अपना पिता

पिथौरागढ़ में डेटा जांच के दौरान एक अनोखा मामला भी सामने आया है। रिकॉर्ड में एक ही व्यक्ति को छह अलग-अलग मतदाताओं ने अपना पिता दर्ज कर रखा है।

निर्वाचन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति और उन सभी छह मतदाताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अब सत्यापन के बाद ही स्थिति साफ होगी कि रिकॉर्ड में यह गलती कैसे हुई।

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