झाड़ियों में खून, खाई में लाश और पत्नी फरार! देहरादून में मजदूर के कत्ल की सबसे खौफनाक कहानी
राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित मांडूवाला में दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहां एक 38 वर्षीय प्रवासी मजदूर की धारदार हथियार से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। शनिवार शाम उसका लहूलुहान शव डॉल्फिन कॉलेज के निकट जंगल में दरेड नदी किनारे गहरी खाई से बरामद हुआ। वारदात के बाद से मृतक की पत्नी रहस्यमय तरीके से गायब है, जिसके चलते पुलिस की जांच की सुई अब सीधे तौर पर उसी के इर्द-गिर्द घूम रही है।
गर्दन पर चाकू के मिले गहरे जख्म
शनिवार दोपहर स्कूल से लौट रहे बच्चों ने जंगल के रास्ते पर ताजे खून के धब्बे और झाड़ियों में किसी भारी चीज को घसीटने के निशान देखे। बच्चों की सूचना पर शाम करीब साढ़े चार बजे पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट मिला। प्रेमनगर थानाध्यक्ष गिरीश नेगी के नेतृत्व में पुलिस बल, फॉरेंसिक टीम और एसओजी मौके पर पहुंचे। खाई से निकाले गए शव के गले और गर्दन पर चाकू के गहरे जख्म मिले हैं। मौके पर पहुंचे मकान मालिक ने मृतक की शिनाख्त मूल रूप से बिहार के सहरसा (ग्राम बौन) निवासी मदन मुखिया (38) के रूप में की, जो मांडूवाला में किराए पर रहकर मजदूरी करता था।
शुरुआती जांच के अनुसार, मदन शुक्रवार शाम से ही संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। घटनास्थल के हालात बताते हैं कि हत्यारों ने पहले सुनसान इलाके में उसकी हत्या की और फिर शव को घसीटकर खाई में फेंक दिया। वारदात में एक से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले का सबसे संदिग्ध पहलू मदन की पत्नी का अचानक लापता होना है। मदन अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ यहां किराए के कमरे में रहता था। पति की मौत के बाद से पत्नी के गायब होने पर पुलिस टीम उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस मदन और उसकी पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल (सीडीआर), आखिरी लोकेशन और संपर्कों को खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की बरामदगी के बाद ही इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के असली मकसद, प्रेम-प्रसंग या आपसी रंजिश की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।