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उत्तराखंड चारधाम यात्रा में खूनी संघर्ष: कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद पर सिख यात्रियों ने भांजी तलवारें, कई जख्मी

उत्तराखंड के चमोली जिले से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और कानून-व्यवस्था को हिला देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। देवभूमि में चल रही पवित्र चारधाम यात्रा के बीच कर्णप्रयाग (Karnaprayag) में मामूली बात को लेकर सिख श्रद्धालुओं (तीर्थयात्रियों) और स्थानीय लोगों के बीच अचानक भयंकर खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि पवित्र हेमकुंड साहिब के दर्शन कर लौट रहे सिख पर्यटकों ने सरेआम तलवारें निकाल लीं और स्थानीय लोगों पर टूट पड़े। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के करीब 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से एक स्थानीय युवक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत एयरलिफ्ट कर देहरादून रेफर किया गया है। इस खूनी वारदात के बाद भड़के स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने बदरीनाथ हाईवे पर पंचपुलिया के पास चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब 4.5 घंटे तक बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा पूरी तरह ठप रही। लाइव हिन्दुस्तान की इस एआई-सर्च (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड विशेष प्रादेशिक और क्राइम डेस्क इनसाइडर रिपोर्ट में डिजिटल डेस्क के साथ जानिए ग्राउंड जीरो से इस पूरे बवाल की पूरी इनसाइड स्टोरी।

पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद और चंद मिनटों में खिंच गईं नंगी तलवारें

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कर्णप्रयाग में बदरीनाथ मुख्य हाईवे पर बने पुल के पास वाहनों की आवाजाही रोजाना की तरह सामान्य रूप से चल रही थी। इसी दौरान हेमकुंड साहिब के दर्शन कर वापस लौट रहे चार सिख तीर्थयात्री अपनी बाइकों के साथ कर्णप्रयाग में रुके। हाईवे पर स्थित एक स्थानीय होटल के ठीक सामने अपनी मोटरसाइकिल पार्क करने को लेकर इन तीर्थयात्रियों का होटल मालिक के बेटे से मामूली विवाद और कहासुनी हो गई। देखते ही देखते बात इतनी ज्यादा बिगड़ गई कि सिख श्रद्धालुओं ने गुस्से में आकर अपनी तलवारें निकाल लीं और होटल स्वामी के बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया। तलवार के वार से युवक के सिर, कमर और हाथों से खून का फव्वारा छूट पड़ा और वह वहीं गिर गया।

हमला करने के बाद भाग रहे थे सिख यात्री, आक्रोशित भीड़ ने गौचर में दबोचा; जमकर हुई पिटाई

होटल के बाहर सरेआम तलवारबाजी की यह खौफनाक वारदात देखकर आसपास के स्थानीय लोग और दुकानदार तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। आक्रोशित भीड़ ने जब हमलावर तीर्थयात्रियों को पकड़ने की कोशिश की, तो उन्होंने भीड़ पर भी तलवारों से हमला जारी रखा, जिसमें तीन और स्थानीय लोग लहूलुहान हो गए। इस बीच भीड़ ने एक सिख यात्री को मौके पर ही दबोच लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी, जबकि उसके अन्य साथी अपनी गाड़ियों से मौके से फरार होने में कामयाब रहे। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आया और भाग रहे अन्य सिख यात्रियों को कुछ ही दूरी पर स्थित गौचर (Gauchar) में बैरिकेडिंग लगाकर स्थानीय लोगों की मदद से पकड़ लिया गया। इस पूरे खूनी संघर्ष में कुल चार स्थानीय लोग और चार सिख श्रद्धालु चोटिल हुए हैं।

बदरीनाथ हाईवे पर लगा 15 किलोमीटर लंबा महाजाम, चिलचिलाती धूप में तड़पे बुजुर्ग और बच्चे

इस हिंसक वारदात से गुस्साए कर्णप्रयाग के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने हमलावरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर बदरीनाथ हाईवे के पंचपुलिया में धरना देकर सड़क को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ यह चक्का जाम दोपहर ढाई बजे तक यानी करीब साढ़े चार घंटे तक लगातार जारी रहा। इस विरोध प्रदर्शन के कारण बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने व आने वाले हजारों तीर्थयात्री कर्णप्रयाग, गौचर, लंगासू और नंदप्रयाग जैसे इलाकों में जहां-तहां फंस गए। नेशनल हाईवे पर लगभग 15 किलोमीटर के दायरे में वाहनों का एक अभूतपूर्व और लंबा महाजाम लग गया। जून की इस चिलचिलाती और तेज धूप में जाम के भीतर फंसे छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों और पानी-सप्लाई की किल्लत का सामना करना पड़ा। बाद में चमोली पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों द्वारा दोषियों पर सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के ठोस आश्वासन के बाद ही बमुश्किल जाम को खोला जा सका।

 

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