उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल! एक ही बूथ पर 800 से ज्यादा नोटिस जारी होने पर भड़की कांग्रेस
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत चल रही पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। गुरुवार को हरिद्वार के प्रेस क्लब में आयोजित एक अहम पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को बिना किसी स्पष्ट कारण या त्रुटि के ताबड़तोड़ नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिसके कारण आम जनता के बीच अनावश्यक भ्रम और असमंजस का माहौल पैदा हो गया है। पार्टी ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराए जाने की पुरजोर मांग की है।
आलोक शर्मा के आरोप: लक्सर विधानसभा में एक ही बूथ पर जारी हुए 800 से ज्यादा नोटिस
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने कहा कि वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के कारण पूरे प्रदेश के मतदाताओं में खलबली मची हुई है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, लेकिन कई नोटिसों में यह तक नहीं बताया गया है कि आखिर उसमें त्रुटि क्या है। उन्होंने विशेष रूप से उदाहरण देते हुए बताया कि हरिद्वार जिले के लक्सर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक ही बूथ पर 800 से अधिक नोटिस जारी कर दिए गए हैं। आलोक शर्मा का कहना था कि निर्वाचन आयोग की दो महीने तक चली लंबी कवायद के बाद इस तरह की अव्यवस्था सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
बीएलओ की अनदेखी और नाम काटने के लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाया कि जिले के कई संवेदनशील क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की सहमति या जानकारी के बिना नए मतदाता बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सोची-समझी रणनीति के तहत उन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है जिन्हें भाजपा का समर्थक नहीं माना जाता है। कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में इस तरह का पक्षपातपूर्ण रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए।