कारगिल विजय दिवस पर भावुक हुए CM पुष्कर सिंह धामी, देश के वीरों के सम्मान में किया सबसे बड़ा ऐलान!
देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारगिल के अमर शहीदों की याद में आज पूरा देश नतमस्तक है। इसी कड़ी में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित गांधी पार्क में आयोजित 'कारगिल विजय दिवस' के मुख्य समारोह के दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला पल सामने आया। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब मंच से कारगिल युद्ध के वीर जवानों और उत्तराखंड के वीर सपूतों के बलिदान की गाथा सुना रहे थे, तो उनका गला भर आया और वे भावुक हो गए। वीर माताओं और सैन्य परिवारों की आंखों में गर्व के आंसू देख CM धामी ने उत्तराखंड (वीरभूमि) के वीरों के सम्मान में एक ऐतिहासिक और बड़ा नीतिगत ऐलान कर दिया है।
मंच पर भावुक हुए सीएम धामी: उत्तराखंड के पराक्रम को किया नमन
मुख्यमंत्री ने कारगिल युद्ध के उन पलों को याद किया जब उत्तराखंड के जांबाज सैनिकों ने दुर्गम पहाड़ियों पर पाकिस्तानी घुसपैठियों के दांत खट्टे कर दिए थे। सीएम धामी ने कहा— "उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं है, यह वीरभूमि भी है। यहां का शायद ही कोई ऐसा घर हो, जिसका नाता देश की सेना से न हो। हमारे जवानों ने माइनस डिग्री तापमान में तिरंगा लहराकर भारत मां की संप्रभुता की रक्षा की थी। इन शहीदों का कर्ज यह देश कभी नहीं चुका सकता।" अमर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद शहीद परिवारों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
वीरों के सम्मान में बड़ा ऐलान: सरकारी नौकरी में आरक्षण और सम्मान राशि में वृद्धि
शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो बेहद महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
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शहीद आश्रितों को सरकारी नौकरी: राज्य सरकार अब कारगिल और अन्य सैन्य ऑपरेशनों में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों (बच्चों या पत्नी) को राज्य सरकार की नौकरियों में प्राथमिकता और विशेष कोटा देने की नीति को और अधिक सरल व मजबूत बनाएगी, ताकि उनके परिवारों को दर-दर न भटकना पड़े।
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सम्मान राशि में भारी बढ़ोतरी: उत्तराखंड सरकार द्वारा शहीद परिवारों को दी जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि (Ex-gratia) और वीरता पदक विजेताओं की मासिक पेंशन राशि में सम्मानजनक वृद्धि करने का बड़ा ऐलान किया गया है। इसके प्रशासनिक आदेश तुरंत जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
शौर्य स्थल और सैन्य धाम से नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने समारोह में युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि देहरादून में बन रहा भव्य 'सैन्य धाम' राज्य के पांचवें धाम के रूप में पूजा जाएगा। यह सैन्य धाम हमारी आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देगा। सरकार का मकसद केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि धरातल पर उन परिवारों की मदद करना है जिन्होंने अपने कलेजे के टुकड़े को देश के लिए कुर्बान कर दिया।
पूरे राज्य में दीपोत्सव और शौर्य दिवस की धूम
कारगिल विजय दिवस के इस विशेष मौके पर उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में शौर्य दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस बड़े ऐलान का पूर्व सैनिक संगठनों और शहीद कल्याण समितियों ने स्वागत किया है। पूरे राज्य में आज शाम को अमर शहीदों की याद में जिला मुख्यालयों और गंगा घाटों पर दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, ताकि हर नागरिक देश के इन रखवालों की शहादत को अपने दिलों में जिंदा रख सके।