उत्तराखंड में आफत की बारिश! केदारनाथ यात्रा रुकी, भूस्खलन और उफनती नालियों में दो मासूम बहनों की दर्दनाक मौत
उत्तराखंड में निरंतर हो रही भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक कई इलाकों में भूस्खलन, जलभराव और सड़क अवरोध की घटनाएं सामने आई हैं।
केदारनाथ यात्रा पर लगा ब्रेक, 850 श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर रोके गए
खराब मौसम के कारण केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ से लौट रहे करीब 600 श्रद्धालुओं और यात्रा पर जा रहे लगभग 250 यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है।
सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच मुनकटिया समेत कई स्थानों पर भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण केदारनाथ हाईवे तथा पैदल मार्ग बाधित हैं। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
बारिश के चलते राज्यभर में 91 सड़कें बंद हो गई हैं। कुमाऊं क्षेत्र में तवाघाट-लिपुलेख हाईवे पर भी भूस्खलन से यातायात प्रभावित रहा, जिसे करीब नौ घंटे बाद बहाल किया जा सका। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित आठ जिलों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जिलों के प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र के किमाणा गांव में निरंतर हो रही बारिश से पहाड़ी दरकने के कारण सात आवासीय भवन खतरे की जद में आ गए हैं। पहाड़ी से बहकर आ रहे मलबे और बड़े बोल्डरों ने गांव के संपर्क मार्ग, खेती के रास्तों और पेयजल लाइन को भी नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों के अनुसार कई घरों के आंगन मलबे से भर गए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
हरिद्वार में मूसलाधार बारिश के कारण खड़खड़ी क्षेत्र की सूखी नदी में अचानक तेज बहाव आ गया, जिससे रपटे पर खड़ी दो कारें बह गईं। हालांकि पानी का स्तर घटने के बाद दोनों वाहनों को बाहर निकाल लिया गया। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर स्याना चट्टी और राना चट्टी के बीच भू-धंसाव के चलते कई पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
राजधानी दून में बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे में क्लेमनटाउन क्षेत्र की नई बस्ती में उफनती नाली में बह जाने से सात वर्षीय लक्ष्मी और तीन वर्षीय सोनाक्षी नाम की दो सगी बहनों की मौत हो गई। दोनों बच्चियां घर के बाहर खेलते समय तेज बहाव की चपेट में आ गई थीं। पुलिस ने उनके शव बरामद कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। निरंतर खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।