उत्तराखंड में आफत की बारिश: चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, देहरादून में मकान गिरा
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर लगातार जारी है. मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है, हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी भी जिले के लिए रेड अलर्ट घोषित नहीं किया गया है.
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान बागेश्वर, चंपावत, देहरादून और नैनीताल जिले के कुछ चुनिंदा इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है. इन संवेदनशील क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तीव्र बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है.
देहरादून में जलभराव और मकान गिरने से मची अफरा-तफरी
राजधानी देहरादून में सोमवार तड़के से ही बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है. देर रात शुरू हुई झमाझम बारिश सोमवार सुबह से दोपहर तक बिना रुके होती रही, जिसके कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में भयंकर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है.
सड़कों पर पानी भर जाने के कारण आम जनता और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. शहर के बंजारावाला, धर्मपुर और आसपास के निचले क्षेत्रों में सड़कों पर पानी जमा हो गया है. इस बीच लगातार हो रही बारिश के चलते देहरादून के कारगी चांदचक इलाके में एक कच्चा मकान गिरने की दुखद सूचना भी सामने आई है, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है.
अचानक बाढ़ का खतरा और मौसम विभाग की चेतावनी
देहरादून और आसपास के इलाकों में लगातार बरस रहे पानी को देखते हुए प्रशासन ने अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है. मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार कालसी, विकासनगर, सेलाकुई, कोटी, राजपुर और उनके आसपास के मैदानी व तटीय क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ आने का तगड़ा खतरा बना हुआ है. भारी बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर में लगातार तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को पूरी तरह सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है.